अंजनी बांध पर 24 घंटे पहरा, अवैध रूप से पानी खींचने वालों पर एरंडोल प्रशासन की सख्ती
एरंडोल तालुका में पानी की संभावित किल्लत को देखते हुए अंजनी बांध के आरक्षित जल भंडार को बचाने के लिए 8 अक्टूबर को आदेश जारी हुआ। बांध पर दो शिफ्ट में पहरा है और पंप जब्त किए जा रहे हैं।
एरंडोल तालुका पर इस बार पानी की भीषण किल्लत का खतरा मंडरा रहा है। चालू खरीफ सीजन में बारिश ने खूब इंतज़ार कराया है और अलनिनो का असर भी बताया जा रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अंजनी बांध के आरक्षित जल भंडार को बचाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को पीने के पानी की कमी न झेलनी पड़े।
पानी की अनधिकृत और अवैध निकासी को पूरी तरह रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। बांध पर 24 घंटे पहरा शुरू हो चुका है। इस बारे में आधिकारिक आदेश 8 अक्टूबर को जारी किए गए थे और अब उन पर असल में अमल शुरू कर दिया गया है। पानी की बर्बादी और चोरी रोकने के लिए यह कार्रवाई उपखंड अधिकारी मनीषकुमार गायकवाड, तहसीलदार गोपाल पाटील और गिरणा सिंचाई विभाग के उपविभागीय अधिकारी कुलदीप पाटील के संयुक्त मार्गदर्शन में हो रही है।
अलनिनो के असर और सूखे जैसे हालात को देखते हुए मौजूद पानी का इस्तेमाल बहुत किफायत से तय किया जा रहा है। फिलहाल अंजनी बांध में 83.40 प्रतिशत जल भंडार है। कुल पानी 16.799 मिलियन घन मीटर है, जिसमें से उपयोगी पानी 13.027 मिलियन घन मीटर है। अंजनी बांध के अलावा भालगांव तालाब और दहिगाव बैराज पर भी अवैध निकासी रोकने के लिए खास टीमें तैनात की गई हैं। पीने के पानी की हर बूंद बचाने के लिए तालुका प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी ताकत से काम में जुटे हैं।
पानी बचाने के इस काम में कई सरकारी विभाग एक साथ उतरे हैं। टीमों में राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन, महावितरण के तकनीकी कर्मचारी, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।
कार्रवाई का तरीका इस तरह है। अंजनी बांध से पानी की चोरी रोकने के लिए 11-11 अधिकारियों और कर्मचारियों के दो विशेष उड़न दस्ते बनाए गए हैं। ये दस्ते दो शिफ्ट में दिन-रात पहरा दे रहे हैं।
नदी के पात्र से या मुख्य जलवाहिनियों से पाइपलाइन डालकर या मोटर के सहारे अनधिकृत तरीके से पानी खींचने वालों का सामान और पंप जब्त किए जा रहे हैं। सुरक्षा के उपाय के तौर पर बांध पर मुख्य बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई है।
नियम तोड़कर पानी खींचते पाए जाने वाले किसान या कारोबारी पर कार्रवाई करते हुए महावितरण के ज़रिए उनका खेती का बिजली कनेक्शन तुरंत काट दिया जा रहा है। बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जो लोग पानी की चोरी बंद नहीं करते, उनके खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में सीधे आपराधिक मामले दर्ज करने के साफ निर्देश प्रशासन ने दिए हैं।
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