UPI शुल्क विवाद पर फडणवीस बोले, कांग्रेस के अपने नेता ही समिति में शामिल थे
UPI पर 2000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर मचे बवाल पर सीएम देवेंद्र फडणवीस का जवाब।
UPI के जरिए 2,000 रुपये से ज्यादा के भुगतान पर मर्चेंट्स को अब 0.4 प्रतिशत शुल्क देना पड़ेगा, और इसी बात को लेकर कांग्रेस लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे विवाद पर कांग्रेस को आड़े हाथ लिया और साफ कर दिया कि जो कहानी बाहर गढ़ी जा रही है, उसमें दम नहीं है।
फडणवीस ने बताया कि यूपीआई पर बेहद मामूली शुल्क लगाने की सिफारिश करने वाली संसदीय समिति में खुद कांग्रेस के 4 नेता शामिल थे, जिनमें पी. चिदंबरम भी थे। उनका कहना था कि जब कांग्रेस के अपने नेता ही उस समिति का हिस्सा थे, तो अब अलग नैरेटिव खड़ा करना समझ से परे है।
पेट्रोल पंप संचालकों के विरोध पर भी सीएम ने अपनी राय रखी। उनके मुताबिक यूपीआई की वजह से पंप संचालकों का कारोबार पहले से बढ़ा है और लोग भी अब बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए इतने मामूली शुल्क का विरोध जायज नहीं ठहरता।
बात को और आगे बढ़ाते हुए फडणवीस ने समृद्धि महामार्ग का उदाहरण दिया। उन्होंने याद दिलाया कि जब इस प्रोजेक्ट पर फैसला लिया गया था, तब शरद पवार और उद्धव ठाकरे ने इसका विरोध किया था। बावजूद इसके सरकार ने काम नहीं रोका, एक साल के भीतर जमीन का अधिग्रहण हुआ और बाद में प्रोजेक्ट पूरा भी हो गया।
सीएम ने दोहराया कि सरकार पहले भी कई बार स्पष्ट कर चुकी है कि यह शुल्क हर लेन-देन पर लागू नहीं होता, फिर भी विपक्ष अलग तस्वीर पेश करने में लगा है। उनका कहना था कि व्यापार बढ़ाने और भ्रष्टाचार घटाने में यूपीआई और डिजिटल पेमेंट का बड़ा हाथ रहा है, इसलिए व्यापारियों और पेट्रोल पंप संचालकों को इतनी मामूली रकम के भुगतान पर विरोध की बजाय इसे स्वीकार करना चाहिए।
इसके बाद बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में उद्यमियों से बातचीत के दौरान फडणवीस ने अपने काम करने के तरीके पर भी बात की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी चाल कछुए जैसी धीमी नहीं है, लेकिन कछुआ जरूर उनकी प्रेरणा है। उनके मुताबिक जब भी आलोचना या विरोध का सामना होता है, वे कछुए की तरह अपने खोल में चले जाते हैं और शांति से अपना काम करते रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बड़े पद पर पहुंचने के बाद ज्यादातर लोग अपने खिलाफ कुछ भी सुनना पसंद नहीं करते, लेकिन वे खुद ऐसी बातें भी सुनने को तैयार रहते हैं। फडणवीस के मुताबिक दोस्तों, परिवार और रोज मिलने वाले लोगों से ही उन्हें काम करने की ऊर्जा मिलती है। नागपुर में उनके कई करीबी दोस्त हैं जो उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बल्कि सिर्फ अपना दोस्त मानते हैं और जरूरत पड़ने पर उनकी गलतियां भी बेझिझक बता देते हैं।
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