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00:11 IST

यूपीआय पेमेंट पर नया नियम: सब्जी, पेट्रोल और रेल टिकट पर कितना चार्ज लगेगा, जानें

रिजर्व बैंक और एनपीसीआई ने यूपीआय को लेकर लोगों में चल रहे कन्फ्यूजन पर सफाई दी है, जिसमें बताया गया है कि कहां चार्ज लगेगा और कहां नहीं।

यूपीआय पेमेंट पर नया नियम: सब्जी, पेट्रोल और रेल टिकट पर कितना चार्ज लगेगा, जानें
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

यूपीआय से रोज लेनदेन करने वाले करोड़ों लोगों के बीच नए नियम और चार्ज को लेकर काफी कन्फ्यूजन बना हुआ था। इस पर रिजर्व बैंक और एनपीसीआई ने साफ कर दिया है कि दो व्यक्तियों के बीच होने वाला पी2पी लेनदेन पूरी तरह फ्री रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो।

इसके अलावा छोटे दुकानदारों और 2,000 रुपये तक की आम खरीदारी पर भी कोई मर्चंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर चार्ज नहीं लगेगा। इससे आम आदमी, सड़क किनारे सामान बेचने वालों और छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। देश में होने वाले कुल व्यापारी लेनदेन यानी पी2एम में से 96 फीसदी लेनदेन पूरी तरह मुफ्त ही रहेंगे।

एमडीआर कोई सरकारी टैक्स या एनपीसीआई का लगाया हुआ कर नहीं है। यूपीआय सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और ऐप कंपनियों के बीच बांटी जाने वाली एक सर्विस फीस है। पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 के तहत यूपीआय स्टीयरिंग कमेटी ने गहन चर्चा के बाद यह नीति तैयार की है।

पूरी तरह मुफ्त रहने वाली चीजों में सबसे पहले दो व्यक्तियों के बीच के सारे लेनदेन आते हैं, जिन पर कोई प्लेटफॉर्म फीस या छुपा चार्ज नहीं लगेगा और कुल यूपीआय लेनदेन के मूल्य का 70 फीसदी हिस्सा इसी कैटेगरी में आता है। दुकान पर या ऑनलाइन 2,000 रुपये तक की खरीदारी पर ग्राहक या दुकानदार से कोई एमडीआर चार्ज नहीं लिया जाएगा। यूपीआय क्यूआर कोड से महीने में 1 लाख रुपये तक का लेनदेन करने वाले छोटे दुकानदारों और सब्जी-फल बेचने वालों को इस चार्ज से पूरी छूट दी गई है।

वहीं जहां चार्ज लगेगा, उसमें 2,000 रुपये से ज्यादा के व्यापारी लेनदेन पर सिर्फ 0.4 फीसदी का मामूली एमडीआर लगेगा, और 75,000 रुपये या उससे ज्यादा के लेनदेन पर यह चार्ज ज्यादा से ज्यादा 300 रुपये प्रति लेनदेन तक ही सीमित रहेगा। रेल टिकट, टेलीकॉम, बीमा, पेट्रोल-डीजल और खेती से जुड़े सामान जैसे कम मुनाफे वाले सेक्टरों में 2,000 रुपये से ऊपर के लेनदेन पर प्रति लेनदेन 5 रुपये का फ्लैट चार्ज लगेगा। म्यूचुअल फंड, शेयर, स्टॉकब्रोकर और डीलरों को किए जाने वाले पेमेंट पर 0.02 फीसदी एमडीआर लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति लेनदेन 300 रुपये होगी।

यह साफ किया गया है कि एमडीआर व्यापारी पेमेंट सिस्टम का चार्ज है और यह ग्राहकों से वसूला नहीं जाएगा। बैंकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि दुकानदार यह चार्ज ग्राहकों पर न थोपें, और यूपीआय ऐप्स को किसी भी तरह की प्लेटफॉर्म फीस या हिडन चार्ज लगाने की सख्त मनाही है। लोग बिना किसी मासिक कोटा या सीमा के अनलिमिटेड फ्री यूपीआय इस्तेमाल कर सकेंगे। बैंकों की तय की गई रोजाना 1 लाख से 5 लाख रुपये की लिमिट सिर्फ सुरक्षा की वजह से है, चार्ज के लिए नहीं।

कुल जमा हुई एमडीआर रकम में से 5 फीसदी हिस्सा छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआय फैलाने के लिए बनाए गए एक खास फंड में डाला जाएगा। इस नई व्यवस्था से गांव और कस्बों में यूपीआय का नेटवर्क मजबूत करने के लिए बैंकों और टेक कंपनियों को फंड मिल सकेगा। यह फैसला संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति की 32वीं रिपोर्ट में दी गई सिफारिशों के आधार पर ही लिया गया है।

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