उदय सामंत: राज ठाकरे ने MPSC छात्रों से सही कहा, छात्रों के कंधे से राजनीति न हो
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने MPSC छात्रों के आंदोलन, दिल्ली के विपक्षी प्रदर्शन, विधान परिषद चुनाव और छगन भुजबळ की नाराजगी पर अपनी बात रखी।
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मुंबई के दादर में शिवाजी पार्क पर MPSC परीक्षा और छात्रों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन हुआ। इसी के साथ मतदाता सूची (एसआयआर) में घोटाले के आरोप को लेकर दिल्ली में भी विपक्ष का तीखा आंदोलन चल रहा है। इन दोनों मुद्दों पर उद्योग मंत्री उदय सामंत ने अपनी राय खुलकर रखी।
दादर के आंदोलन में मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने MPSC के छात्रों के सामने परीक्षा को लेकर अपनी बात रखी थी। सामंत ने कहा कि राज ठाकरे ने आंदोलन में छात्रों से जो कुछ कहा, वह सही था। उनके मुताबिक राज ठाकरे का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कुछ चीजें हो सकती हैं और कुछ नहीं हो सकतीं। जो चीजें हो ही नहीं सकतीं, उनकी मांग की जाए तो वे कभी मंजूर नहीं होंगी।
सामंत ने बताया कि छात्र यह मांग कर रहे हैं कि MPSC की परीक्षा किसी के दबाव में न हो। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें राष्ट्रपति से जुड़ी हुई हैं। इसके बाद उन्होंने मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे पर टोला लगाते हुए कहा कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सामंत ने यह भी कहा कि राजनीति करनी है तो विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में की जाए।
दिल्ली के आंदोलन पर सामंत ने कहा कि विपक्ष वहां मतदाता सूची के कथित घोटाले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। उनका कहना था कि दिल्ली के कुछ नेता इसलिए आंदोलन कर रहे हैं कि मतदाता उन्हें स्वीकार कर लें। सामंत के शब्दों में विपक्ष की हालत अब ऐसी हो गई है कि वे इसके लिए कुछ भी करने को तैयार हैं, और इसीलिए यह आंदोलन किया जा रहा है।
विधान परिषद चुनाव के बारे में सामंत ने बताया कि महायुती ज्यादातर जगहों पर साथ मिलकर लड़ रही है। पुणे शिक्षक मतदारसंघ को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सही फैसला लेंगे।
मंत्री छगन भुजबळ की नाराजगी का मामला भी सामंत के सामने रखा गया। भुजबळ ने कहा है कि अण्णासाहेब पाटील आर्थिक विकास महामंडळ को मराठा समाज के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जबकि ओबीसी समाज के लिए सिर्फ 5 करोड़ रुपये की मदद की गई है। ओबीसी समाज को मिलने वाला फंड कम होने की वजह से भुजबळ ने नाराजगी जताई और मांग की कि ओबीसी समाज के लिए पर्याप्त निधि मिलनी चाहिए।
इस पर सामंत ने कहा कि अगले एक महीने के अंदर पर्याप्त निधि के साथ महामंडलों के अध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। उन्होंने साफ किया कि अगर भुजबळ को कोई गलतफहमी है तो उसे दूर किया जाएगा।
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