रविवार, 11 अक्टूबर 2026

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20:16 IST

तुर्कमेनिस्तान में पुतिन और पेजेश्कियान की मुलाकात, रूस ने ईरान को हर मदद का भरोसा दिया

मध्य-पूर्व में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान से मुलाकात की।

तुर्कमेनिस्तान में पुतिन और पेजेश्कियान की मुलाकात, रूस ने ईरान को हर मदद का भरोसा दिया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मध्य-पूर्व में अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच तनाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। इसी माहौल में तुर्कमेनिस्तान में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की द्विपक्षीय बैठक हुई। बैठक में रूस ने ईरान को भरोसा दिलाया कि इलाके में बढ़ता संघर्ष खत्म करने और शांति कायम करने के लिए वह हर मुमकिन सहयोग करेगा। दोनों देशों की इस मुलाकात को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

रूस के विदेश मंत्रालय की दी हुई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बैठक की शुरुआत में ही पुतिन ने मध्य-पूर्व के मौजूदा हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज सबसे जरूरी और गंभीर मुद्दा इस इलाके की बिगड़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था है। पुतिन के शब्दों में, रूस जानता है कि ईरान की अपनी कोई गलती न होने के बावजूद वह इलाके में छिड़े संघर्ष को खत्म करने के लिए ठोस कोशिशें कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस इस हालात से निकलने में ईरान की मदद के लिए तैयार है।

पुतिन ने बताया कि शांति के लिए ईरान ने जो नए प्रस्ताव रखे हैं, रूस ने उनका स्वागत किया है। हालात को काबू में लाने के लिए मॉस्को हर तरह से मदद करेगा, ऐसा वादा भी उन्होंने किया।

बातचीत सिर्फ इलाके की सुरक्षा तक सीमित नहीं रही। रूस और ईरान के आपसी रिश्तों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इससे पहले दोनों नेता शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के बिश्केक शिखर सम्मेलन में मिले थे। उसके बाद तुर्कमेनिस्तान की इस बैठक से दोनों देशों की रणनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। पुतिन ने कहा कि पिछले साल की शुरुआत में दोनों देशों ने जिस बुनियादी समझौते पर दस्तखत किए थे, उसी के आधार पर रूस और ईरान के रिश्ते बहुत सकारात्मक ढंग से और तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

आर्थिक मोर्चे पर भी दोनों देशों का व्यापार नए मुकाम पर पहुंचा है। साल 2025 में रूस और ईरान के बीच व्यापार 21 फीसदी से ज्यादा बढ़ा था। 2026 के पहले सात महीनों में भी यही बढ़ता रुझान जारी रहा है। इसके अलावा मानवीय और सांस्कृतिक क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर कई साझा पहल चला रहे हैं, जिससे दोनों देशों की जनता के बीच रिश्ते और मजबूत हो रहे हैं।

बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अपना रुख साफ शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि बातचीत के पिछले दौरों के दौरान बार-बार सैन्य हमले और उकसाने वाली कार्रवाइयां हुईं, इसके बावजूद ईरान अमेरिका के साथ कूटनीतिक संवाद जारी रखने को तैयार है। उनके मुताबिक ईरान इलाके में जंग नहीं चाहता, उसे शांति और स्थिरता चाहिए, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वह प्रतिबद्ध है।

बैठक के आखिर में पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अच्छी सेहत और कामयाबी के लिए रूस की ओर से खास शुभकामनाएं भेजीं। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव की पृष्ठभूमि में मॉस्को और तेहरान की इस नजदीकी को अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

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