तुलजा भवानी मंदिर में MSF जवानों पर भक्तों से धक्कामुक्की का आरोप, वीडियो वायरल
धाराशिव के तुलजा भवानी मंदिर में कोजागिरी पूर्णिमा पर गर्भगृह के अंदर भक्तों से धक्कामुक्की का वीडियो सामने आया है। भक्तों में नाराजगी है और वे सुरक्षा रक्षकों पर सख्त कार्रवाई मांग रहे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
धाराशिव जिले के मशहूर श्री तुलजा भवानी मंदिर में महाराष्ट्र सुरक्षा दल (MSF) के जवानों के बर्ताव को लेकर एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया है। मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षा रक्षक भक्तों के साथ धक्कामुक्की कर रहे हैं, ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। इन्हें देखने के बाद भक्तों में MSF के रक्षकों के खिलाफ काफी गुस्सा है।
यह वीडियो कोजागरी पूर्णिमा के दिन का बताया जा रहा है, जब दूर-दूर से भक्त मंदिर पहुंचे थे। वीडियो में दिख रहा है कि दर्शन करने से पहले ही भक्तों को धक्का दिया गया। भक्तों की मांग है कि जिन सुरक्षा रक्षकों ने ऐसा किया, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भक्तों का कहना है कि वे घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद दर्शन के लिए अंदर पहुंचते हैं और वहां उनके साथ इस तरह का बर्ताव होता है। इसी वजह से उनमें नाराजगी है। वे बार-बार यही कह रहे हैं कि इन सुरक्षा रक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
वीडियो वायरल होते ही इलाके में हलचल मच गई। भक्तों में मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखी नाराजगी जताई जा रही है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भी महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के तुलजा भवानी मंदिर में MSF जवानों के गर्भगृह के अंदर भक्तों से बुरे बर्ताव और धक्कामुक्की की बात उठाई गई है, और उसमें भक्तों की भारी नाराजगी का जिक्र है।
यह पहली बार नहीं है जब मंदिर की सुरक्षा को लेकर विवाद हुआ हो। इससे पहले पुलिस और सुरक्षा रक्षकों के बीच भी झगड़ा देखने को मिल चुका है। तुलजा भवानी मंदिर के पीतली दरवाजे से प्रतिबंधित प्रवेश देने से मना करने पर मंदिर संस्थान के सुरक्षा रक्षकों और पुलिस वालों के बीच बड़ा हंगामा हुआ था। आरोप है कि पुलिस ने एक सुरक्षा रक्षक को मारा, जिससे उसका सिर फट गया। उस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था।
अब एक तरफ मंदिर के सुरक्षा रक्षकों पर भक्तों से बदसलूकी का आरोप है, तो दूसरी तरफ पुलिस और सुरक्षा रक्षकों के बीच की आपसी लड़ाई है। इन दोनों मामलों के वीडियो सामने आने से मंदिर प्रशासन के सुरक्षा और भीड़ संभालने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे प्रशासन पूरी तरह मुश्किल में पड़ सकता है।
भक्तों और स्थानीय संगठनों ने ऐसे बदतमीज कर्मचारियों पर फौरन अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर में आने वाले भक्तों के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कड़ा एक्शन होना चाहिए, ताकि आगे ऐसा न हो।
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