गडकरी बोले: E20 पेट्रोल के खिलाफ चला विरोध पैसे देकर कराया गया अभियान था
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सीआईआई के कार्यक्रम में कहा कि E20 इंधन के खिलाफ उठी आवाज़ स्वाभाविक नहीं थी।
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 इंधन को लेकर चल रहे विवाद पर खुलकर बात की है। सीआईआई (CII) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले E20 इंधन के खिलाफ जो विरोध हुआ, वह अपने आप नहीं उठा था। गडकरी के मुताबिक वह पैसे देकर चलाया गया 'पेड कैम्पेन' था।
गडकरी ने यह भी कहा कि अब वह पूरा विरोध शांत हो चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के हित में और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए इथेनॉल का इस्तेमाल बहुत जरूरी है।
इसी बीच सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में एक अहम बदलाव किया है। 26 अक्टूबर 2026 को छपी नई अधिसूचना के तहत वाहनों के उत्सर्जन मानकों में E100 फ्यूल, यानी शुद्ध इथेनॉल, को आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है।
इन नए नियमों से वाहन बनाने वाली कंपनियों (OEMs) के लिए रास्ता खुल गया है। अब वे E85 और E100 जैसे ज्यादा इथेनॉल वाले मिश्रण पर चलने वाली गाड़ियों, यानी फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों, को कानूनी तौर पर प्रमाणित (Certified) करवा सकती हैं।
E85 फ्यूल में 85 फीसदी तक इथेनॉल होता है, जबकि E100 लगभग पूरी तरह शुद्ध इथेनॉल वाला इंधन है। फ्लेक्स-फ्यूल वाहन खास गाड़ियां होती हैं, जिनका इंजन और फ्यूल सिस्टम पेट्रोल और इथेनॉल के अलग-अलग अनुपात पर चलने के लिए बनाया गया होता है।
यह गलतफहमी न पालें कि नए नियम आने के बाद पुरानी या मौजूदा सभी पेट्रोल गाड़ियों में E100 या E85 डाला जा सकेगा। बाजार में मौजूद ज्यादातर गाड़ियां E10 या ज्यादा से ज्यादा E20 (20 फीसदी इथेनॉल) इंधन के लिए ठीक होती हैं। इसलिए ज्यादा इथेनॉल वाला इंधन केवल उन्हीं गाड़ियों में इस्तेमाल हो सकेगा, जिन्हें बनाने वाली कंपनी ने 'फ्लेक्स-फ्यूल' तकनीक के साथ डिजाइन और प्रमाणित किया है।
उसी कार्यक्रम में गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्गों की क्वालिटी पर भी बात की। सोशल मीडिया पर सड़कों की खराब हालत की जो शिकायतें आती हैं, उनका जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि करीब 700 से 800 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई है।
गडकरी ने सख्त लहजे में कहा कि राजमार्गों की क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो साल में देश के हाइवे पर सफर करते वक्त यात्रियों को गड्ढों या किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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