तुला संक्रांति 17 अक्टूबर को, शाम 7:57 बजे सूर्य करेगा तुला राशि में प्रवेश
शनिवार, 17 अक्टूबर को तुला संक्रांति है। सूर्य कन्या राशि से तुला राशि में जाएगा, स्नान और दान का शुभ मुहूर्त दोपहर 12:06 से शाम 5:50 तक रहेगा।
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इस साल तुला संक्रांति शनिवार, 17 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेगा। पंचांग के मुताबिक सूर्य शाम 7:57 बजे तुला राशि में जाएगा।
ज्योतिषशास्त्र में सूर्य के राशि बदलने को अहम माना जाता है। जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तो उसे संक्रांति कहते हैं। एक साल में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं और तुला संक्रांति उन्हीं में से एक है, जब सूर्य कन्या राशि से तुला राशि में जाता है।
हिंदू धर्म में संक्रांति को धार्मिक कार्यों के लिए खास दिन माना जाता है। इस मौके पर लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और सूर्यदेव को जल अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्यदेव की पूजा, स्नान और जरूरतमंदों को दान का विशेष महत्त्व है।
स्नान और दान के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से शाम 5:50 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि करीब 5 घंटे 43 मिनट की होगी। तुला संक्रांति के इस शुभ मुहूर्त में स्नान और दान करना शुभ माना जाता है।
हिंदू धर्म में संक्रांति का नाता दान और सत्कर्मों से जोड़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों की मदद करने से पुण्य मिलता है। जो लोग नदी या तीर्थक्षेत्र नहीं जा सकते, वे पुण्यकाल या महापुण्यकाल में घर पर भी विधि कर सकते हैं।
इस दिन सूर्यदेव को जल अर्पित करने की परंपरा है। पूजा के दौरान सूर्यदेव का स्मरण किया जाता है और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। इसके अलावा अपनी हैसियत के हिसाब से चावल, गेहूं, दालें, फल, कपड़े या अनाज का दान किया जा सकता है। दान करते समय दिखावे की जगह जरूरतमंद की मदद करने की भावना होना जरूरी बताया गया है।
पूजा की विधि यह है कि तुला संक्रांति के दिन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। फिर सूर्यदेव को जल अर्पित कर उनका स्मरण करें और परिवार के सुख-संतोष के लिए प्रार्थना करें। हो सके तो इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराएं या अपनी क्षमता के मुताबिक दान करें।
धार्मिक परंपरा के अनुसार सूर्यदेव को जल चढ़ाने के लिए तांबे के बर्तन के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है। पूजा के दौरान मन शांत रखें और श्रद्धा के साथ प्रार्थना करें।
धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों से जुड़ी जानकारी सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए है। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।