शनि की साढ़ेसाती में सोना पहनना ठीक या नहीं, ज्योतिषशास्त्र में क्या कहा गया है
ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान सोने के गहने पहनना अशुभ माना जाता है, उसकी जगह लोहे की अंगूठी और नीलम की सलाह दी जाती है।
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ज्योतिषशास्त्र में सोने को बहुत अहम धातु माना गया है। मान्यता है कि सोने का रिश्ता सूर्य से है और इसे पहनने से सूर्य की ऊर्जा का असर बढ़ता है। इसी शास्त्र में सोना पहनने को लेकर कुछ नियम भी बताए गए हैं। श्रद्धा के मुताबिक सोना पहनने से पहले कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनके संभावित नतीजों को देख लेना चाहिए। इसी वजह से कुछ खास ग्रहों की दशा में सोना पहनते वक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
शनि की साढ़ेसाती को ज्योतिषशास्त्र में एक अहम ग्रहस्थिति माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौर में इंसान को जिंदगी में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि साढ़ेसाती के दौरान सोना पहनें या नहीं। क्या सोना पहनने से शनिदेव नाराज हो जाते हैं और उसका बुरा असर पड़ता है? इसी पर ज्योतिषशास्त्र की राय यहां बताई जा रही है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि की साढ़ेसाती के दौरान सोने के गहने पहनना अशुभ माना जाता है। वजह यह बताई जाती है कि सोने को सूर्य से जोड़ा जाता है, जबकि शनि को सूर्य का पुत्र माना गया है। पौराणिक कथाओं में सूर्य और शनि के बीच मतभेद और टकराव का जिक्र मिलता है। इसी कारण साढ़ेसाती या शनि की ढैय्या के समय सोने के गहने पहनने से बचने की सलाह दी जाती है।
सोना पहनने पर क्या होता है, इस बारे में ज्योतिषशास्त्र कहता है कि सूर्यदेव और शनि के बीच आपसी दुश्मनी है। इसलिए साढ़ेसाती या ढैय्या में सोने के गहने पहनने पर शनि नाराज हो सकते हैं और उसके नकारात्मक नतीजे सामने आ सकते हैं। यह भी कहा गया है कि साढ़ेसाती में सोना पहनने से शरीर में सूर्य की ऊर्जा का असर बढ़ जाता है, जिससे गुस्सा बढ़ सकता है और चल रहा काम बिगड़ सकता है।
अब सवाल यह कि साढ़ेसाती के वक्त क्या पहना जाए। ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक शनि की साढ़ेसाती का असर कम करने के लिए लोहे की अंगूठी पहनने की सलाह दी जाती है। एक मान्यता के अनुसार दाहिने हाथ की बीच की उंगली या छोटी उंगली में लोहे की अंगूठी पहनना शुभ माना जाता है। साढ़ेसाती के दौरान घोड़े की नाल या नाव की कीलों से बनी लोहे की अंगूठियां भी पहनी जा सकती हैं।
रत्न की बात करें तो शनि ग्रह से जुड़ा प्रमुख रत्न नीलम है। इसी वजह से कुछ ज्योतिषी साढ़ेसाती के समय नीलम पहनने की सिफारिश करते हैं। नीलम को असरदार रत्न माना जाता है, इसलिए इसे पहनने से पहले अपनी कुंडली में शनि की स्थिति की जांच करवा लेना ठीक रहता है।
नीलम पहनने के नियम भी बताए गए हैं। इसे शुक्ल पक्ष के शनिवार को धारण करने की सिफारिश की जाती है। आमतौर पर इसे दाहिने हाथ की बीच की उंगली में पहनने का चलन है। नीलम को चांदी, पंचधातु या सोने में जड़वाने की भी सलाह दी जाती है। फिर भी इसे पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना ठीक माना गया है।
धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई जैसे विषयों पर ऐसी जानकारी सिर्फ पाठकों की जानकारी के लिए है। इनसे जुड़ा कोई भी प्रयोग करने से पहले जानकार की सलाह जरूरी है।