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22:01 IST

ट्रैवल और टूरिज्म में करियर: कौन से कोर्स करें, कितनी फीस और कितनी सैलरी मिलती है

घूमने का शौक है तो ट्रैवल और टूरिज्म में करियर बन सकता है। जानिए कोर्स, फीस, स्किल और सैलरी।

ट्रैवल और टूरिज्म में करियर: कौन से कोर्स करें, कितनी फीस और कितनी सैलरी मिलती है तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बहुत से लोगों को घूमना-फिरना पसंद है और कई लोग इसी फील्ड में करियर भी बनाना चाहते हैं। दिक्कत यह है कि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि शुरुआत कहां से करें। ट्रैवल और टूरिज्म दुनिया की सबसे बड़ी इंडस्ट्रीज में से एक है। इसमें भारत के साथ-साथ विदेश में भी करियर के मौके हैं।

इस फील्ड में आने के लिए डिग्री और डिप्लोमा दोनों तरह के कोर्स मौजूद हैं। इसके अलावा विदेशी भाषा सीखने और इंटर्नशिप करने से भी आगे बढ़ने में मदद मिलती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एक सर्विस इंडस्ट्री है। इसमें काम करने के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल, ग्राहकों को समझने की काबिलियत और अच्छी पर्सनैलिटी होना जरूरी है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में ट्रैवल और टूरिज्म की पढ़ाई के लिए पर्यटन मंत्रालय के तहत आने वाले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड मैनेजमेंट (IITTM) का ऑप्शन चुना जा सकता है। इसके सेंटर ग्वालियर समेत कई जगहों पर हैं। यहां से बीबीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म जैसे कोर्स किए जा सकते हैं। एमबीए और डिप्लोमा कोर्स के ऑप्शन भी मौजूद हैं। कोर्स चुनते वक्त अपनी योग्यता और करियर का लक्ष्य ध्यान में रखना चाहिए। जो स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन कर रहे हैं, वे ट्रैवल और टूरिज्म में मास्टर्स या डिप्लोमा कर सकते हैं।

फीस संस्थान और कोर्स के हिसाब से अलग-अलग होती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार IITTM में 3 साल के बीबीए इन ट्रैवल एंड टूरिज्म कोर्स की फीस 3 लाख रुपये तक हो सकती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में इससे जुड़े कोर्स का खर्च करीब 58 हजार रुपये बताया गया है। डिप्लोमा करना हो तो कई संस्थानों में 1 साल का कोर्स मिल जाता है, जिसकी फीस 20 हजार से 1 लाख रुपये तक होती है। हालांकि एक्सपर्ट्स डिप्लोमा के बजाय डिग्री को तरजीह देने की सलाह देते हैं।

इस फील्ड में आगे बढ़ने के लिए सिर्फ डिग्री काफी नहीं है। स्टूडेंट्स को पर्सनैलिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कम्युनिकेशन पर भी काम करना चाहिए। विदेश में काम करना हो तो फ्रेंच, जर्मन या जापानी जैसी विदेशी भाषाएं सीखना फायदेमंद रहता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक पढ़ाई के दौरान इंटर्नशिप जरूर करनी चाहिए। इससे प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस मिलता है, लोगों को संभालने और उनकी जरूरत समझने की क्षमता बढ़ती है, और यह अनुभव करियर में काम आता है।

ट्रैवल और टूरिज्म की पढ़ाई भारत के बाहर भी की जा सकती है। एक्सपर्ट्स ने नीदरलैंड्स के होटल स्कूल द हेग, फ्रांस के वॉटल और स्विट्जरलैंड के ले रोश, ग्लियोन और सी रिट्ज जैसे संस्थानों का जिक्र किया है। उनके मुताबिक न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी इस फील्ड से जुड़े कोर्स उपलब्ध हैं।

नौकरी के कई ऑप्शन हैं। स्टूडेंट्स बड़ी ट्रैवल एजेंसी, टूर ऑपरेटर कंपनी और एडवेंचर टूरिज्म से जुड़ी कंपनी में काम कर सकते हैं। स्पिरिचुअल टूरिज्म और क्रूज लाइनर से जुड़े कामों में भी मौके मिल सकते हैं। इस इंडस्ट्री में इनबाउंड और आउटबाउंड टूरिज्म जैसे सेक्टर भी हैं। इनबाउंड टूरिज्म में विदेश से भारत आने वाले पर्यटकों की सेवाएं आती हैं, जबकि आउटबाउंड टूरिज्म में भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों के सफर का इंतजाम किया जाता है। अनुभव और कॉन्टैक्ट बन जाने के बाद अपना बिजनेस शुरू करने का ऑप्शन भी है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत में इस फील्ड में शुरुआती सैलरी करीब 30 हजार रुपये महीना हो सकती है। विदेश में काम करने पर शुरुआती सैलरी लगभग 1.5 लाख से 3 लाख रुपये महीना तक हो सकती है। हालांकि सैलरी देश, कंपनी और अनुभव के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

यह एक सर्विस इंडस्ट्री है, इसलिए यहां काम करने वालों को ग्राहकों की जरूरत समझना और उनकी बात ध्यान से सुनना जरूरी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार जिन लोगों को जल्दी गुस्सा आता है या जो अपने बर्ताव में बहुत ज्यादा अहंकार रखते हैं, उन्हें इस फील्ड की दिक्कतें समझकर ही करियर चुनना चाहिए। इस काम में शांत स्वभाव, अच्छी कम्युनिकेशन स्किल और हर चीज को बारीकी से प्लान करने की क्षमता चाहिए।

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