संयुक्त राष्ट्र में नौकरी का सपना? जानिए कौन सी स्किल्स चाहिए और कैसे मिलेगा मौका
संयुक्त राष्ट्र में करियर बनाने के लिए सही रणनीति, नेटवर्किंग, सॉफ्ट स्किल्स और मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि की जरूरत होती है।
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संयुक्त राष्ट्र (United Nations) यानी दुनिया का सबसे बड़ा मंच। फिल्मों या खबरों में युएन के दफ्तर और वहां काम करने वाले अधिकारियों को देखकर कई लोगों के मन में सवाल आता है कि वहां तक पहुंचने का रास्ता आखिर क्या है। क्या इसके लिए विदेशी डिग्री चाहिए, या किसी खास जान-पहचान की जरूरत पड़ती है? बात यह है कि युएन में नौकरी पाना कोई नामुमकिन सपना नहीं है। इसके लिए सही रणनीति, पक्के इरादे और पक्के रास्तों की जरूरत होती है।
संयुक्त राष्ट्र सिर्फ एक दफ्तर या संस्था नहीं है, बल्कि दुनिया भर के 193 देशों की प्रेरणा का केंद्र है। यहां शांति कायम करने से लेकर मानवाधिकारों की रक्षा और क्लाइमेट चेंज जैसे बड़े मुद्दों पर काम होता है। अगर आपमें दुनिया को और बेहतर बनाने की जिद है और आप ग्लोबल स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, तो युएन के दरवाजे आपके लिए भी खुले हैं।
संयुक्त राष्ट्र और उससे जुड़ी अलग-अलग संस्थाओं में दुनिया भर के प्रोफेशनल्स काम करते हैं। संयुक्त राष्ट्र सचिवालय और उसकी एजेंसियों, फंड्स और प्रोग्राम्स (जैसे UNDP, UNICEF, UNHCR वगैरह) में दुनिया भर से 35,000 से 40,000 से ज्यादा नियमित और स्थायी अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवक काम कर रहे हैं। शांति मिशन और फील्ड ऑपरेशन को जोड़ लें तो यह आंकड़ा 1 लाख से ऊपर पहुंच जाता है।
नौकरियां दोनों तरह की होती हैं, फुल-टाइम भी और कॉन्ट्रैक्ट पर भी। लंबी मुद्दत के लिए स्थायी (परमानेंट) या फिक्स्ड-टर्म यानी नियमित करार वाले पद होते हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट्स और फील्ड मिशन की जरूरत के हिसाब से कंसल्टेंट्स और शॉर्ट टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर भी भर्ती की जाती है। संयुक्त राष्ट्र में लगभग सभी 193 सदस्य देशों के नागरिक काम करते हैं। भौगोलिक प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहे, यह इस संस्था का मुख्य उद्देश्य है, ताकि हर क्षेत्र के लोगों को वैश्विक नीतियों में हिस्सेदारी मिल सके।
युएन जैसी विशाल संस्था में जगह बनाने के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं होता। आप किसे जानते हैं और आपकी पेशेवर पहुंच कहां तक है, यह भी बहुत मायने रखता है। ग्लोबल नेटवर्किंग का मतलब है दुनिया भर के उन प्रोफेशनल्स और संस्थाओं से जुड़ना, जो समाजसेवा, कूटनीति या नीति निर्माण से जुड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स और कंसल्टेंसी भूमिकाओं में अक्सर मजबूत पहुंच वालों को मौका मिलता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लें, वेबिनार अटेंड करें और पहले से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में काम कर रहे मेंटॉर से सलाह लें। आपकी पहचान और आपका काम ही आपको भीड़ से अलग खड़ा करेगा।
ग्लोबल मंच पर काम करना बड़ी जिम्मेदारी है। युएन में करियर के लिए सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है। मानसिक तौर पर आत्मनिर्भर होना और हर हालात में खुद को ढाल लेने की क्षमता भी चाहिए। दुनिया के अलग-अलग कोनों से आए लोगों के साथ काम करते वक्त भाषा, संस्कृति और काम के तरीके में फर्क सामने आता है। ऐसे में कॉन्फिडेंस और खुद फैसला लेने की क्षमता ही आगे ले जाती है। आपको साबित करना होगा कि आप क्राइसिस सिचुएशन या बड़े प्रोजेक्ट्स अकेले संभालने का दम रखते हैं।
टेक्निकल डिग्रियां आपको इंटरव्यू तक पहुंचा सकती हैं, लेकिन युएन में टिके रहने के लिए सॉफ्ट स्किल्स सबसे बड़ा हथियार साबित होती हैं। इनमें बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स सबसे ऊपर हैं। युएन में अंग्रेजी और फ्रेंच जैसी वैश्विक भाषाएं चलती हैं, इसलिए इन पर मजबूत पकड़ जरूरी है। इसके अलावा निगोशिएशन की कला, संकट के समय शांत रहकर सही फैसला लेना और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करना भी बेहद जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र में नौकरी का प्रवेश द्वार उच्च शिक्षा और शैक्षणिक योग्यता है। आम तौर पर युएन या उसकी एजेंसियों (जैसे UNICEF, WHO, UNESCO) में दाखिले के लिए पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री को प्राथमिकता दी जाती है। अंतरराष्ट्रीय संबंध, पब्लिक पॉलिसी, कानून, अर्थशास्त्र, पर्यावरण विज्ञान, पत्रकारिता या समाजकार्य जैसी डिग्रियां युएन के दरवाजे आसानी से खोल सकती हैं। अगर एक से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय भाषाएं (जैसे स्पैनिश, फ्रेंच या अरबी) आती हैं, तो चयन लगभग पक्का माना जाता है।