12वीं के बाद ये 5 गलतियां बिगाड़ सकती हैं करियर, कॉलेज जाने से पहले जान लें
स्कूल खत्म होने के बाद कॉलेज की आजादी में कई छात्र ऐसी चूक कर बैठते हैं जिसका असर उनके करियर पर उम्र भर रहता है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
स्कूल की पढ़ाई पूरी होना जिंदगी के एक दौर का खत्म होना होता है। स्कूल के सख्त अनुशासन से निकलकर जब नौजवान कॉलेज की रंगीन दुनिया में कदम रखते हैं, तो उन्हें लगता है कि अब वे पूरी तरह आजाद हैं। इस नए सफर की शुरुआत में दिल में बड़े सपने होते हैं। किसी को डॉक्टर बनना होता है, किसी को इंजीनियर, तो कोई कॉर्पोरेट दुनिया में धूम मचाना चाहता है। लेकिन सही मार्गदर्शन न मिले तो कई छात्र अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा उन्हें जिंदगी भर भुगतना पड़ता है।
आज के दौर में सिर्फ कॉलेज की डिग्री मिल जाना पसंद की नौकरी की गारंटी नहीं है। कंपनियां अब केवल किताबी ज्ञान नहीं देखतीं। वे प्रैक्टिकल स्किल्स यानी व्यावहारिक कौशल, अनुभव और सही नजरिया ढूंढती हैं। अक्सर छात्र कॉलेज के शुरुआती कुछ साल बस मौज-मस्ती में या बिना कोई दिशा तय किए गुजार देते हैं। जब हाथ में डिग्री आती है, तब उन्हें एहसास होता है कि जॉब मार्केट में टिके रहने के लिए जो स्किल्स चाहिए, वे उनके पास हैं ही नहीं। आइए देखें, 12वीं के बाद कौन सी 5 गलतियां करियर को खतरे में डाल सकती हैं।
पहली गलती है सिर्फ डिग्री के भरोसे बैठ जाना और स्किल्स न बढ़ाना। ज्यादातर छात्र यही करते हैं। उन्हें लगता है कि डिग्री हाथ में आते ही कंपनियां खुद लाखों रुपये का पैकेज देने लगेंगी। मगर हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। आज की कॉर्पोरेट दुनिया सिर्फ स्किल्स देखती है। अगर आपने अपने क्षेत्र से जुड़ी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, कोडिंग, कम्युनिकेशन या डिजिटल स्किल्स नहीं सीखीं, तो वह डिग्री बस दीवार पर सजाने के काम आएगी। इसलिए कॉलेज की पढ़ाई के साथ ऑनलाइन कोर्स, इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी स्किल्स लगातार अपग्रेड करते रहें।
दूसरी गलती है भीड़ का हिस्सा बन जाना और पसंद के बिना करियर चुनना। कई बार छात्र देखते हैं कि उनके दोस्त या पड़ोसी किस कोर्स में दाखिला ले रहे हैं, और बिना कुछ पूछताछ किए उसी भीड़ में शामिल हो जाते हैं। कोई इंजीनियरिंग में चला जाता है, कोई बीसीए या बीबीए चुन लेता है, चाहे उसमें दिलचस्पी हो या न हो। जब आप रुचि या पैशन के बिना कोई रास्ता चुनते हैं, तो कुछ समय बाद वही पढ़ाई बोझ लगने लगती है और आप अपना 100% नहीं दे पाते। अपनी क्षमता, पसंद और आगे की मांग को पहचानकर ही करियर का रास्ता चुनें, वरना अधूरी दिलचस्पी की वजह से आप उस क्षेत्र में कभी माहिर नहीं बन पाएंगे।
तीसरी गलती है नेटवर्किंग और इंटर्नशिप को नजरअंदाज करना। कॉलेज के शुरुआती सालों में कई छात्रों को लगता है कि पढ़ाई के लिए अभी बहुत वक्त है। वे इंटर्नशिप और नेटवर्किंग को आखिरी साल तक टालते रहते हैं। यह बहुत बड़ी चूक साबित होती है। आज अच्छी नौकरियां लिंक्डइन नेटवर्किंग और रेफरेंस के जरिए मिलती हैं। अगर आप कॉलेज के दौरान प्रोफेशनल लोगों से नहीं जुड़े, सेमिनार अटेंड नहीं किए और इंटर्नशिप से इंडस्ट्री का अनुभव नहीं लिया, तो डिग्री मिलने के बाद फ्रेशर के तौर पर भी आपको काफी संघर्ष करना पड़ेगा। अनुभव हमेशा किताबी ज्ञान से भारी पड़ता है।
चौथी गलती है टाइम मैनेजमेंट न करना और नाकामी से डर जाना। स्कूल और कॉलेज की जिंदगी में जमीन-आसमान का फर्क होता है। स्कूल में टीचर हर बात की लगातार याद दिलाते हैं, पर कॉलेज में अपना अनुशासन खुद तय करना पड़ता है। कई नौजवान अपना ज्यादातर वक्त सोशल मीडिया पर रील्स देखने या फालतू बातों में गंवा देते हैं। इसके अलावा, छोटी-मोटी नाकामी मिलने पर या कोडिंग करते वक्त एरर आने पर वे घबरा जाते हैं। लगातार मेहनत यानी कंसिस्टेंसी और वक्त का सही इस्तेमाल ही कामयाबी की असली चाबी है। रोज थोड़ा-थोड़ा सीखना और खुद को सुधारना ही आपको भीड़ से अलग खड़ा करता है।
पांचवीं गलती है कम्युनिकेशन स्किल्स और पर्सनैलिटी पर काम न करना। आप कितने भी बड़े टेक्निकल एक्सपर्ट हों, अगर इंटरव्यू में अपनी बात सामने वाले के सामने ठीक से नहीं रख पाए, तो आपका सारा ज्ञान बेकार चला जाएगा। ज्यादातर छात्र अंग्रेजी, बॉडी लैंग्वेज या बोलने के तरीके को सुधारने पर जोर नहीं देते। कॉर्पोरेट दुनिया में टीमवर्क और क्लाइंट हैंडलिंग के लिए बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स होना बहुत जरूरी है। इसलिए कॉलेज के दिनों से ही अपनी पर्सनैलिटी को निखारना शुरू करें, पब्लिक स्पीकिंग में हिस्सा लें और खुद को एक कॉन्फिडेंट प्रोफेशनल बनाएं।