राजू शेट्टी का ऐलान: कल से चीनी मिलें बंद कराएंगे, गन्ने के ट्रैक्टर-ट्रक भी रोकेंगे
किसान नेता राजू शेट्टी ने आंदोलन की दिशा बदलते हुए कल से राज्य की चीनी मिलें बंद कराने और गन्ना ढोने वाले ट्रैक्टर-ट्रक रोकने की चेतावनी दी है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गन्ना कटाई मजदूरों और चीनी कामगारों का मसला इन दिनों गरमाया हुआ है। किसान नेता राजू शेट्टी ने इस आंदोलन की दिशा बदलते हुए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि कल से राज्य की चीनी मिलें बंद करा दी जाएंगी, और आंदोलन को अब और तेज करने का फैसला लिया गया है।
शेट्टी ने यह भी कहा है कि गन्ना ढोने वाले ट्रैक्टर और ट्रक रोके जाएंगे। इतना ही नहीं, चीनी मिलों से चीनी को बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि कामगारों की मांगों पर हल आखिर कब निकलेगा।
इससे पहले आंदोलन 22 अक्टूबर से शुरू करने का ऐलान हुआ था। लेकिन अब उसकी दिशा बदल दी गई है। राजू शेट्टी के मुताबिक कल से ही गन्ने की ढुलाई रोककर चीनी मिलों का कामकाज ठप करने की कोशिश की जाएगी।
कामगारों की सारी मांगें मान लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का इरादा जताया गया है। मिलों पर दबाव बनाने के लिए ढुलाई और चीनी बाहर भेजने की प्रक्रिया का विरोध किया जाएगा, यह भी उन्होंने साफ किया है।
रेठरे में कृष्णा चीनी मिल पर कल सुबह 10 बजे पहुंचकर मिल बंद कराने की घोषणा अभिजीत दिपके ने की है। राजू शेट्टी ने कहा है कि कल ही तीन चीनी मिलें बंद कराने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल हाईवे और रास्ता रोको आंदोलन रोकने का रुख अपनाया गया है। उसकी जगह सीधे चीनी मिलों और गन्ने की ढुलाई को निशाना बनाकर आंदोलन आगे बढ़ाने की रणनीति बनती दिख रही है।
तात्यासाहेब काळे ने भी इस आंदोलन को लेकर सख्त रुख रखा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक मांगें पूरी तरह मंजूर नहीं होतीं, तब तक 22 अक्टूबर से राज्य की एक भी चीनी मिल शुरू नहीं होने दी जाएगी।
एक तरफ गन्ने के दाम के सवाल पर किसान संगठन आक्रामक हो गए हैं, तो दूसरी तरफ चीनी कामगारों और गन्ना कटाई मजदूरों का आंदोलन भी तेज हो रहा है। दोनों आंदोलनों का असर चीनी उद्योग पर पड़ने की आशंका है। अब सबकी नजर इस पर है कि इस साल गन्ना पेराई का सीजन समय पर शुरू होगा या नहीं, मिलों का कामकाज बिगड़ेगा या नहीं, और कामगारों की मांगों पर हल कब निकलेगा।