गोकुल अध्यक्ष चुनाव: महायुति के नेता गोवा होकर कोल्हापुर पहुंचे, 14 संचालकों का कोरम जरूरी
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गोकुल दूध संघ के अध्यक्ष चुनाव से पहले महायुति के नेता गोवा में संचालकों से मिले और फिर कोल्हापुर पहुंचे।
गोकुल दूध संघ के अध्यक्ष चुनाव को लेकर तोड़फोड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं। चुनाव में बढ़त महाविकास आघाड़ी को मिली है, लेकिन राज्य की सत्ता में बैठी महायुति सरकार ने भी अपना अध्यक्ष बिठाने के लिए हाथ-पैर मारना शुरू कर दिया है।
महायुति के संचालक इस वक्त सैर पर हैं। उनसे मिलने के लिए महायुति के नेता स्पेशल विमान से गोवा पहुंचे। वहां मुलाकात करने के बाद वे सीधे कोल्हापुर आ गए। इन नेताओं में पालकमंत्री प्रकाश आबिटकर, विधायक विनय कोरे, चंद्रदीप नरके और पूर्व सांसद संजय मंडलिक शामिल थे। अब चर्चा इस बात की है कि इन नेताओं ने गोकुल के संचालकों को आखिर क्या हिदायतें दीं। गोकुल के अध्यक्ष चुनाव को लेकर पत्रकार वार्ता करके फैसला घोषित किया जाएगा।
चुनाव के नतीजे देखें तो विधायक सतेज पाटील की राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 25 में से 13 सीटें जीतकर साफ बढ़त बनाई है। मगर अध्यक्ष के चुनाव के लिए 14 संचालकों का कोरम पूरा होना जरूरी है। इसी वजह से यह चर्चा चल रही है कि क्या अध्यक्ष का चुनाव नियमों में अटक जाएगा। गुरुवार, 29 अक्टूबर को अध्यक्ष पद का चुनाव होना है और इस पर भी बात हो रही है कि महायुति के संचालक उस दिन हाजिर रहेंगे या अनुपस्थित।
अगर महायुति की तरफ से इस बैठक में अनुपस्थित रहा जाता है, तो गोकुल के अध्यक्ष पद का पेंच बने रहने के आसार हैं। बैठक में जाना है या नहीं, इस पर भी फैसला लिया जाना है। सत्ताधारी गठबंधन के नेता सतेज पाटील ने महायुति के नेताओं से फोन पर बात की है, लेकिन अब तक उनकी आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई है।
गोकुल के अध्यक्ष पद के साथ-साथ जिला बैंक के चुनाव की सियासत भी गरमाई हुई है। चर्चा है कि महायुति को जिस तरह झटका लगा है, उसे देखते हुए कोल्हापुर जिला बैंक का चुनाव भी सांगली जिला बैंक की तर्ज पर निर्विरोध कराया जाएगा। कोल्हापुर के राजनीतिक गलियारों में यह बात भी हो रही है कि जिला बैंक के समीकरण साधने और अपना दबदबा बनाए रखने के लिए मुश्रीफ गोकुल के अध्यक्ष चुनाव में कोई अड़ंगा नहीं डालेंगे और जिला बैंक में अपना रास्ता साफ करेंगे।
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