ठाणे के सोनावला में 108 एंबुलेंस के अंदर महिला की सुरक्षित डिलीवरी, मां और बच्चा ठीक
सोनावला में अस्पताल जाते वक्त गर्भवती महिला का दर्द अचानक तेज हुआ। 108 एंबुलेंस के डॉक्टर और स्टाफ ने रास्ते में ही डिलीवरी कराई, मां और बच्चे की हालत स्थिर है।
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ठाणे जिले के सोनावला इलाके में गुरुवार सुबह 108 एंबुलेंस के अंदर ही एक गर्भवती महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई। महिला को डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसका दर्द अचानक बहुत तेज हो गया। ऐसे में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ने मौके पर ही हालात संभाले। बताया गया है कि डिलीवरी के बाद मां और नवजात बच्चा दोनों ठीक हैं और उनकी हालत स्थिर है।
इमरजेंसी में वक्त पर मदद मिल जाए तो वह कितनी बड़ी बात होती है, यह सोनावला की इस घटना से साफ दिखा। पूरा मामला सुबह करीब साढ़े छह बजे से शुरू हुआ। गुरुवार सुबह 6 बजकर 22 मिनट पर आशा वर्कर सीमा ने गर्भवती महिला को फौरन मेडिकल मदद दिलाने के लिए 108 इमरजेंसी नंबर पर फोन किया।
कॉल मिलने के सिर्फ तीन मिनट बाद, यानी सुबह 6 बजकर 25 मिनट पर एंबुलेंस मौके के लिए रवाना हो गई। सुबह 6 बजकर 36 मिनट पर वह महिला के पास पहुंच गई। इस हिसाब से एंबुलेंस निकलने के महज 11 मिनट में महिला को मेडिकल मदद मिल गई। इसके बाद महिला को संभालकर एंबुलेंस में बिठाया गया और उसे सोनावला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की तरफ ले जाया जाने लगा।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में सुबह करीब सवा सात बजे महिला का दर्द अचानक बढ़ गया। हालत ऐसी थी कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने का इंतजार नहीं किया जा सकता था, डिलीवरी वहीं कराना जरूरी हो गया। एंबुलेंस में उस वक्त ड्यूटी पर मौजूद ईएमएसओ डॉ. अजय भागवत और इमरजेंसी असिस्टेंट अरुण धुमाळ ने मामले की गंभीरता समझी और बिना देर किए जरूरी मेडिकल मदद शुरू कर दी। इन्हीं दोनों की देखरेख में एंबुलेंस के अंदर ही महिला की सुरक्षित डिलीवरी हुई।
डिलीवरी के बाद डॉक्टरों ने मां और नवजात बच्चे की जांच की। दोनों की हालत स्थिर पाई गई। फिर आगे के इलाज और निगरानी के लिए मां और बच्चे को सोनावला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां मौजूद मेडिकल स्टाफ को दोनों को सुरक्षित सौंप दिया गया। वहां दोनों की सेहत का जरूरी ख्याल रखने के लिए आगे की निगरानी शुरू कर दी गई है।
इस पूरे मामले में 108 एंबुलेंस सेवा की फुर्ती काम आई। मदद की कॉल आने के कुछ ही मिनटों में एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। उसके बाद अस्पताल की तरफ जाते वक्त अचानक डिलीवरी की नौबत आई, तो मेडिकल टीम ने सही फैसला लेकर जरूरी इलाज किया। डॉ. अजय भागवत और अरुण धुमाळ ने जो सूझबूझ दिखाई, उसी की वजह से महिला को वक्त पर मेडिकल मदद मिली और बच्चे का जन्म सुरक्षित हुआ।
गांव-देहात और दूर-दराज के इलाकों में इमरजेंसी मेडिकल सेवा का वक्त पर मिलना बेहद जरूरी होता है। सोनावला की इस घटना में 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए गर्भवती महिला को वक्त पर मदद मिली, इसीलिए आज मां और बच्चा दोनों सही-सलामत हैं। मेडिकल टीम की इस तत्परता की तारीफ हो रही है।