गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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17:57 IST

बर्खास्त एपीआई वाझे की महंगी गाड़ियों पर हाईकोर्ट के सवाल, 90 हजार तनख्वाह में पांच गाड़ियां कैसे

मुंबई हाईकोर्ट ने सचिन वाझे की जमानत अर्जी पर तीन घंटे सुनवाई की और उनकी संपत्ति व महंगी गाड़ियों पर पुलिस प्रशासन से सवाल पूछे।

बर्खास्त एपीआई वाझे की महंगी गाड़ियों पर हाईकोर्ट के सवाल, 90 हजार तनख्वाह में पांच गाड़ियां कैसे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई हाईकोर्ट में बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाझे की जमानत अर्जी पर आज करीब तीन घंटे सुनवाई चली। इस दौरान वाझे की संपत्ति और उनकी महंगी गाड़ियों को लेकर कोर्ट ने जांच एजेंसी और पुलिस प्रशासन से सीधे सवाल किए। यह सुनवाई जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ के सामने हुई।

सुबह के सत्र में तीन घंटे की सुनवाई के बाद कोर्ट ने कामकाज रोक दिया। जमानत अर्जी पर दोपहर के सत्र में फिर सुनवाई होगी, इसलिए अब सबकी नजर इस पर है कि कोर्ट आगे क्या रुख अपनाता है। सुनवाई के बीच वाझे की इस्तेमाल की जा रही महंगी गाड़ियों का मुद्दा उठा। तब जस्टिस कुलकर्णी ने वाझे के मर्सिडीज इस्तेमाल करने पर सवाल किया।

जस्टिस गिरीश कुलकर्णी ने पूछा, "वे मर्सिडीज गाड़ी से आए, यह सब कहां से आया? वे मर्सिडीज इस्तेमाल करते थे, यह क्या आपके रिकॉर्ड पर आया है? एक एपीआई के नाम पर मर्सिडीज है?" इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि एक एपीआई के नाम पर मर्सिडीज है। उन्होंने यह भी कहा कि खुद पुलिस कमिश्नर के पास भी अपनी मर्सिडीज नहीं है।

इस पर जस्टिस कुलकर्णी ने कहा, "एक एपीआई के पास अपनी मर्सिडीज होना पुलिस कमिश्नर के लिए चिंता की और गंभीर बात होनी चाहिए।" कोर्ट ने एक गवाह के बयान का भी जिक्र किया। उसके मुताबिक सचिन वाझे दूसरे गेट से मर्सिडीज गाड़ी में सीधे मुंबई पुलिस कमिश्नर के दफ्तर आते थे। कोर्ट में यह भी कहा गया कि वहां से वे सीधे 'वर्षा' बंगले पर भी जाते थे।

कोर्ट ने वाझे की सरकारी आमदनी के बारे में भी पूछा। सुनवाई में बताया गया कि सचिन वाझे की मौजूदा मासिक तनख्वाह करीब 90 हजार रुपये है। इसके बाद जस्टिस डॉ. नीला गोखले ने वाझे की मालिकाना हक वाली और इस्तेमाल में रही महंगी गाड़ियों की सूची कोर्ट में पढ़कर सुनाई। कोर्ट में कहा गया कि वाझे के पास बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज समेत कुल पांच महंगी गाड़ियां हैं।

कोर्ट ने सवाल उठाया कि सीमित सरकारी आमदनी वाले पुलिस अफसर के पास इतनी महंगी गाड़ियां कैसे आईं। इसी वजह से वाझे की संपत्ति और गाड़ियों का मुद्दा पूरी सुनवाई के केंद्र में रहा। अब सबकी निगाहें दोपहर के सत्र में जमानत अर्जी पर होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

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