बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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19:01 IST

आंखों के कोने में चिपचिपा पदार्थ जमे तो क्या हो सकती है वजह, लक्षणों को न करें नजरअंदाज

सुबह उठते ही आंखों के किनारों पर जमने वाला चिपचिपा पदार्थ कभी सूखी आंख या एलर्जी का संकेत हो सकता है, तो कभी संक्रमण का।

आंखों के कोने में चिपचिपा पदार्थ जमे तो क्या हो सकती है वजह, लक्षणों को न करें नजरअंदाज तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

सुबह नींद से उठने पर आंखों के कोनों में चिपचिपा पदार्थ जमा मिलना कई लोगों के लिए आम बात है। आंख इंसान को कुदरत से मिला बेहद अहम अंग है, जिससे हम दुनिया की हर खूबसूरत चीज देख पाते हैं। लेकिन घंटों मोबाइल और लैपटॉप देखते रहने से आंखों की सेहत बिगड़ जाती है।

आंखें लाल होना, सूजन, दर्द, रोशनी सहन न होना या नजर धुंधली पड़ना जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। आंखों के कोनों में चिपचिपा पदार्थ जमने लगता है। आंसू, म्यूकस, कुदरती तेल और त्वचा की मरी हुई कोशिकाएं आंखों की किनारों पर इकट्ठा हो जाती हैं। आंखों के आसपास बार-बार सफेद या हरे रंग की चिपचिपी परत जमने से आंखों की सेहत पर असर पड़ता है।

लेख के मुताबिक अगर दिन में बार-बार अलग-अलग रंग की चिपचिपी परत जमती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह से तुरंत इलाज कराना जरूरी बताया गया है।

सफेद, हरा और पीला चिपड़ का फर्क इस तरह बताया गया है। सुबह उठने पर आंखों के किनारों पर पानी जैसी या सफेद चिपचिपी परत हो, तो वजह आंखों का सूखापन, एलर्जी या जलन हो सकती है। एलर्जी में आंखों में खुजली, लालिमा और पानी आने जैसे लक्षण दिखते हैं। आंसू की नली बंद हो जाए, तो एक ही आंख से लगातार पानी आता है और चिपचिपा म्यूकस जमा होता है। पीला या हरा गाढ़ा चिपड़ निकले, तो यह बैक्टीरिया के संक्रमण का मुख्य लक्षण है। हरे रंग का चिपड़ ज्यादा गंभीर संक्रमण की तरफ इशारा करता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी एंटीबायोटिक आई ड्रॉप इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

पलकों पर पपड़ी जमने के कारण भी बताए गए हैं। पलकों के किनारों पर गाढ़ी पपड़ी जमने को ब्लेफेराइटिस कहा जाता है। बैक्टीरिया बढ़ने से खुजली, जलन, आंखों की लालिमा और पलकों पर रूसी जैसे पपड़ीदार टुकड़े जमा हो जाते हैं। आंखों में दर्द, रोशनी सहन न होना या धुंधला दिखना जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करते हुए वक्त पर इलाज लेना चाहिए। इसके अलावा कॉन्टैक्ट लेंस लगाते वक्त दर्द या लालिमा हो, तो लेंस फौरन बदल देने चाहिए।

आंखों की सफाई के बारे में लेख में कहा गया है कि हल्का चिपड़ जमा हो, तो रुई या मुलायम कपड़ा पानी में गीला करें और उससे आंखें साफ पोंछें। हर आंख के लिए अलग रुई लें। आंखों में किसी भी तरह का संक्रमण हो, तो आंखों को हाथ न लगाएं, क्योंकि बार-बार हाथ लगाने से संक्रमण दूसरी जगह भी फैल सकता है। रूमाल, तकिया, आई मेकअप या तौलिया दूसरों के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना आंखों में कोई भी एंटीबायोटिक या स्टेरॉयड वाली ड्रॉप नहीं डालनी चाहिए।

लेख में यह भी साफ किया गया है कि यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया है।

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