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टाइगर रिजर्व के गांवों का पुनर्वास तेज करें, कैम्पा फंड से कराएं काम: मुख्यमंत्री फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महा कैम्पा की बैठक में गांवों के पुनर्वास, कामों की पड़ताल और चरागाह विकास पर निर्देश दिए।

टाइगर रिजर्व के गांवों का पुनर्वास तेज करें, कैम्पा फंड से कराएं काम: मुख्यमंत्री फडणवीस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि कैम्पा के तहत मौजूद फंड से वन संरक्षण के लिए रिजर्व इलाकों में रहने वाले लोगों की जिंदगी में बड़ा सकारात्मक बदलाव आ सकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस फंड का इस्तेमाल करके व्याघ्र परियोजना यानी टाइगर प्रोजेक्ट और दूसरे संरक्षित इलाकों के गांवों के पुनर्वास का काम पूरा किया जाए।

सोमवार को सह्याद्री अतिथिगृह में महाराष्ट्र प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण (महा कैम्पा) की बैठक हुई। अध्यक्षता मुख्यमंत्री फडणवीस ने की। इसी बैठक में कामों की समीक्षा करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं। वनमंत्री गणेश नाईक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फंड से हुए वनीकरण, मृदा और जल संरक्षण के कामों की जांच सैटेलाइट और आधुनिक तकनीक से की जाए। कैम्पा के तहत होने वाले कामों की जांच का मौजूदा तरीका बदला जाए, ताकि कामकाज में ज्यादा पारदर्शिता आए। पूरे हो चुके वनीकरण के कामों में से कुछ नमूने चुनकर उनका सर्वे किया जाए। संबंधित एजेंसियां मृदा और जल संरक्षण और वनीकरण के कामों पर गंभीरता से ध्यान देकर उन्हें पूरा करें।

फडणवीस ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय कैम्पा फंड से राज्य के आरक्षित वन इलाकों के गांवों का चरणबद्ध तरीके से पुनर्वास करने के लिए केंद्र से पैसे की मांग की जाए और इसके लिए लगातार पैरवी की जाए। राज्य स्तर के कैम्पा प्राधिकरण में मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए संविदा कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएं।

राज्य के रिजर्व फंड के लिए रिजर्व बैंक में खाता खोलने की कार्रवाई पूरी करने को भी उन्होंने कहा। इस फंड पर ज्यादा ब्याज मिले, इसके लिए अच्छे निवेश विकल्प चुनकर कोशिश करने की सूचना दी गई। राज्य की महत्वाकांक्षी 300 करोड़ पेड़ लगाने की मुहिम के लिए इसी फंड से बड़े पैमाने पर वनीकरण किया जाए और गैर-वन जमीन को जंगल के दायरे में लाया जाए, यह निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया।

चरागाह विकास कार्यक्रम पर फडणवीस ने कहा कि मौजूदा सूखे के हालात में इस फंड से यह कार्यक्रम असरदार तरीके से चलाया जाए। इससे चारे की उपलब्धता और पक्की की जा सकेगी।

बैठक में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय खंदारे, अपर मुख्य सचिव (वित्त) विकासचंद्र रस्तोगी, पर्यावरण सचिव जयश्री भोज, कृषि सचिव परिमल सिंग, ग्रामविकास सचिव चंद्रकांत पुलकुंडवार, 'मित्रा' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रविण परदेशी, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन बल प्रमुख) एम. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक श्रीनिवास रेड्डी और कैम्पा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी याटबोन मौजूद थे।

बैठक में अब तक के कामों का ब्योरा भी रखा गया। प्रतिपूरक वनीकरण के तहत अब तक 1 लाख 7 हजार 865 हेक्टेयर पर पौधारोपण के काम पूरे हुए हैं। 2019-20 से 2025-26 के बीच 562 आवास और 83 दफ्तरों का निर्माण पूरा किया गया। महिलाओं के लिए 62 विश्रामगृह भी बनाए गए हैं। चरागाह विकास कार्यक्रम के तहत 15,724 हेक्टेयर इलाके में चरागाह विकास के काम पूरे हुए। इसी फंड से व्याघ्र परियोजना और दूसरे संरक्षित इलाकों के 55 गांवों का पुनर्वास अब तक किया जा चुका है।

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