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महाराष्ट्र में केमिकल उद्योग की अलग नीति, नवंबर के पहले हफ्ते में होगा ऐलान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पालघर में वाढवण बंदर के पास बड़ा रासायनिक उद्योग केंद्र बनाने की योजना है।

महाराष्ट्र में केमिकल उद्योग की अलग नीति, नवंबर के पहले हफ्ते में होगा ऐलान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र सरकार रासायनिक उद्योग में निवेश बढ़ाने के लिए अलग केमिकल इंडस्ट्री पॉलिसी बना रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि यह नीति नवंबर के पहले हफ्ते में घोषित की जाएगी।

फडणवीस के मुताबिक बढ़ती औद्योगिक जरूरतों, निवेश के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं और उद्योगों के अनुकूल माहौल को ध्यान में रखकर यह नीति तैयार हो रही है। पालघर जिले में वाढवण बंदर के आसपास एक बड़ा रासायनिक उद्योग केंद्र विकसित करने की योजना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 3,600 उद्योग रासायनिक क्षेत्र में काम कर रहे हैं। देश के रासायनिक उद्योग के कुल सकल मूल्यवर्धन में महाराष्ट्र का हिस्सा करीब 19 प्रतिशत है, जबकि रासायनिक उत्पादों के निर्यात में करीब 17 प्रतिशत हिस्सा है।

उन्होंने बताया कि राज्य में पेट्रोकेमिकल्स, कृषि रसायन, विशेष रसायन, पॉलिमर और औद्योगिक रसायनों के उत्पादन के लिए अच्छा माहौल है। अलग नीति बनाते वक्त उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बात की गई है और उनकी जरूरतों तथा आगे के निवेश की उम्मीदों को ध्यान में रखा गया है।

फडणवीस ने कहा कि सरकार चाहती है कि उद्योगों को मंजूरियां आसानी से मिलें, निवेशकों को सारी जरूरी सेवाएं एक ही जगह मिलें और अलग-अलग विभागों की प्रक्रियाओं से उद्योगों को रुकावट न आए। इसके लिए 'मैत्री' नाम के एक खिड़की प्लेटफॉर्म और 'इन्व्हेस्ट महाराष्ट्र' पहल के जरिए निवेशकों को आसान सेवा दी जा रही है।

वाढवण बंदर के बारे में उन्होंने कहा कि इससे राज्य के औद्योगिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। बंदर के आसपास रासायनिक उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं और उद्योगों के समूह विकसित करने का मौका है। केंद्र सरकार की घोषित भव्य केमिकल पार्क योजना के जरिए भी महाराष्ट्र में बड़ा निवेश खींचने की कोशिश है।

दवा क्षेत्र पर उन्होंने कहा कि देश के फार्मा सेक्टर ने दुनिया में अहम जगह बना ली है, फिर भी दवाओं के लिए जरूरी सक्रिय औषध घटकों (एपीआय) के उत्पादन में और आत्मनिर्भरता चाहिए। इसके लिए बल्क ड्रग पार्क के जरिए देश में उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है और महाराष्ट्र में भी इस क्षेत्र के लिए जरूरी औद्योगिक माहौल बनाने की कोशिशें चल रही हैं। उनके मुताबिक इससे दवा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता घटेगी और देश में उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

फडणवीस ने कहा कि रासायनिक उद्योग निर्माण, दवा, गाड़ी बनाने, कपड़ा, खेती, खाद, पैकेजिंग और बुनियादी सुविधाओं जैसे कई क्षेत्रों के लिए अहम है। बढ़ते मौकों का फायदा लेने के लिए रिसर्च, आधुनिक तकनीक और वैल्यू एडेड उत्पादों पर जोर देना जरूरी है। ग्लोबल सप्लाई चेन में आए बदलावों से भारत को इस उद्योग में नए मौके मिले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मौकों का फायदा उठाकर देश में उत्पादन बढ़ाना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र से महाराष्ट्र में अभी करीब तीन लाख रोजगार मिले हैं और इसमें रोजगार के मौके दोगुने करने की क्षमता है।

इस मौके पर यूपीएल उद्योग समूह के अध्यक्ष जय श्रॉफ, रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स के कार्यकारी निदेशक निखिल मेसवानी, फिक्की के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय शंकर और रसायन मंत्रालय के सचिव तेजवीर सिंह ने रसायन उद्योग से जुड़े अपने विचार रखे। फिक्की के रसायन विभाग के अध्यक्ष बिमल गोकुलदास ने आभार माना।

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