सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया गठबंधन के मोर्चे पर शिंदे ने जताया एतराज, राहुल गांधी की आलोचना
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की दिशा में निकाले गए इंडिया गठबंधन के मोर्चे की निंदा की है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष की आलोचना की। शिंदे ने कहा कि कल का दिन देश के इतिहास का काला दिन था। उनका आरोप है कि इस मोर्चे के जरिए न्यायव्यवस्था पर दबाव डालने की कोशिश की गई।
शिंदे के मुताबिक, वे राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की इस कार्रवाई की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को याचिका दायर करने का अधिकार है, लेकिन याचिका दायर करने के लिए मोर्चा निकालना कौन सा तरीका है, यह सवाल उन्होंने उठाया। शिंदे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश को संविधान दिया और उसी से संवैधानिक संस्थाएं खड़ी हुईं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर मोर्चा ले जाना और न्यायव्यवस्था पर दबाव डालने की कोशिश करना ठीक नहीं है, ऐसा उन्होंने कहा।
मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पर चल रहे आंदोलन पर भी शिंदे ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि मतदाताओं के नाम कम होने के मुद्दे पर विपक्ष आंदोलन कर रहा है। शिंदे ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म नंबर 6 उपलब्ध है और प्रक्रिया इसलिए है कि किसी के साथ अन्याय न हो। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विपक्ष के आंदोलन के पीछे राजनीतिक मकसद है।
इधर इंडिया गठबंधन ने मतदाता सूची की कथित गड़बड़ियों, एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इन मुद्दों पर सत्ताधारी पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।
आपातकाल का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा, "देश में आपातकाल होता, तो क्या वे आंदोलन को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा पाते? आज हर किसी को अपनी बात रखने की आजादी है। फिर न्यायव्यवस्था का अपमान करना क्या ठीक है?" शिंदे ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आंदोलन करना ही विपक्ष का एजेंडा है।
ठाणे में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के पदाधिकारी प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले पर भी शिंदे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि इस बारे में उन्होंने पुलिस से बात की है। शिंदे ने कहा, "इस घटना की जांच चल रही है। किसी को बचाया नहीं जाएगा।" अब सबकी नजर इस पर है कि जांच में क्या सामने आता है।