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रविवार, 8 नवंबर 2026

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सुप्रीम कोर्ट जैसी नकली वेबसाइट बनाई गई, रजिस्ट्री ने जारी किया सार्वजनिक नोटिस

सुप्रीम कोर्ट जैसी नकली वेबसाइट बनाई गई, रजिस्ट्री ने जारी किया सार्वजनिक नोटिस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

साइबर ठगों ने लोगों को फंसाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बना ली। रजिस्ट्री ने देश भर के लोगों को सावधान करने के लिए नोटिस निकाला है।

देश भर में साइबर अपराध के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। जैसे-जैसे साइबर सुरक्षा मजबूत हो रही है, वैसे-वैसे साइबर अपराधी भी लोगों को ठगने के लिए और पक्के तरीके ले आ रहे हैं। ताज़ा मामला यह है कि ठगों ने सीधे सुप्रीम कोर्ट जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट तैयार कर ली।

यह नकली वेबसाइट असली वेबसाइट से इतनी मिलती-जुलती थी कि आम आदमी के लिए दोनों में फर्क पहचानना बहुत मुश्किल हो सकता है। मामला सामने आते ही सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने देश भर के लोगों को सावधान करने के लिए तुरंत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया।

ठगों ने अब सीधे सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाया है, इसलिए आम लोगों की सुरक्षा का सवाल और गंभीर हो गया है। आज के डिजिटल दौर में बहुत से काम इंटरनेट से होते हैं और इसके लिए तरह-तरह की वेबसाइट इस्तेमाल की जाती हैं। ऐसे में अगर आप जिस वेबसाइट पर हैं, वही नकली निकली तो क्या होगा? सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक आम आदमी असली और नकली वेबसाइट में फर्क कैसे पहचाने। इसके लिए कुछ आसान बातें बताई गई हैं।

भारत में सरकारी या अदालती वेबसाइट के पते के आखिर में हमेशा .gov.in या .nic.in लिखा होता है। साइबर अपराधियों की बनाई वेबसाइट के पते के आखिर में .com, .net या .top लिखा मिलता है।

ठग अपनी वेबसाइट के लिए असली नाम से मिलता-जुलता लंबा नाम रखते हैं। इससे लोग उलझ जाते हैं और उन्हें असली और नकली वेबसाइट का फर्क फौरन समझ नहीं आता।

मैसेज या टेक्स्ट में आई किसी भी लिंक को खोलने के बजाय गूगल पर जाइए और वेबसाइट का नाम खुद टाइप कीजिए। किसी भी अधिकृत वेबसाइट का यूआरएल https:// से शुरू होता है। साथ ही अधिकृत वेबसाइट के यूआरएल की शुरुआत में ताले का निशान दिखता है, जिस पर क्लिक करके सुरक्षा प्रमाणपत्र जांचा जा सकता है।

अधिकृत वेबसाइट पर असली पता, कस्टमर सर्विस नंबर, अधिकृत ईमेल आईडी और अबाउट अस जैसे विकल्प मिलते हैं। नकली वेबसाइट पर ये विकल्प नहीं होते।

अगर आपने गलती से ठगों की बनाई नकली वेबसाइट इस्तेमाल कर ली है, तो सबसे पहले अपने बैंक को खबर कीजिए और उन्हें पूरा मामला बताइए। बैंक से अपना अकाउंट और कार्ड ब्लॉक करने के लिए कहिए। इसके बाद अकाउंट, जीमेल, सोशल मीडिया और बैंकिंग ऐप के पासवर्ड बदल लीजिए। पूरी घटना की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराइए।

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