चंद्रपुर में शिक्षिका से 5.43 लाख की ऑनलाइन ठगी का आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चंद्रपुर साइबर पुलिस ने कोलकाता में चार दिन तलाश चलाकर 21 साल के आरोपी को पकड़ा। उस पर बैंक कर्मचारी बनकर फर्जी APK भेजने और एक शिक्षिका के खाते से 5.43 लाख रुपये निकालने का आरोप है।
चंद्रपुर साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में पश्चिम बंगाल के कोलकाता से 21 साल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम अंगद सुरज प्रजापती बताया गया है और वह कोलकाता का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि उसने एटीएम से कम निकले पैसे लौटाने के बहाने एक शिक्षिका के खाते से 5 लाख 43 हजार रुपये निकाल लिए।
मामला चंद्रपुर शहर का है। पीड़ित 58 साल की महिला एक स्कूल की प्रधानाध्यापिका हैं। उन्होंने 30 अगस्त 2026 को एक बैंक के एटीएम से 5 हजार रुपये निकालने की कोशिश की थी, लेकिन मशीन से 900 रुपये कम निकले। इसकी शिकायत उन्होंने बैंक में दर्ज कराई थी।
कुछ दिन बाद उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। पुलिस के मुताबिक फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और एटीएम से 900 रुपये कम आने की बात पूछकर महिला का भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने व्हाट्सऐप पर एक फर्जी APK ऐप भेजा और उसे डाउनलोड करवाया। आरोप है कि उसी ऐप में एटीएम पिन और CVV की जानकारी भरवाई गई और अलग-अलग ऑनलाइन लेन-देन के जरिए खाते से 5 लाख 43 हजार रुपये निकाल लिए गए।
इस मामले में चंद्रपुर के साइबर पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 006/2026 के तहत केस दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 319(2), 61(2) और 3(5) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 की धारा 66(सी) और 66(डी) लगाई गई हैं। इसके बाद जांच शुरू हुई।
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे और उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक सुनिल गाडे की अगुवाई में विशेष जांच दल ने यह कार्रवाई की। सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश गिरी, पुलिसकर्मी राहुल पोंदे, अनिमेश भोंगले और पंकज बावणे का दल कोलकाता गया। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से चार दिन और चार रात तलाश चली। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उल्डांगा पुलिस स्टेशन के इलाके से संदिग्ध आरोपी अंगद प्रजापती को पकड़ा गया।
इस कार्रवाई में सहायक पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सोनवणे, अनीसा सय्यद, सहायक उपनिरीक्षक मुजावर अली, पुलिस हवलदार कार्तिक खनके, उमेश रोडे, पुलिसकर्मी गुणवंत मुंडके, साहिल आवारी, महिला पुलिसकर्मी छाया शंभरकर, पूजा जांभुले, अंजली घिवे और श्रुतिका घाईत ने भी भूमिका निभाई। ये सभी चंद्रपुर साइबर पुलिस स्टेशन के हैं।
आरोपी को चंद्रपुर लाकर 3 दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसके दूसरे साथियों और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। पुलिस हिरासत की मियाद खत्म होने पर आज उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में चंद्रपुर जिला जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। पुलिस का कहना है कि बैंक अधिकारी फोन पर कभी गोपनीय जानकारी या APK फाइल नहीं मांगते, इसलिए सावधान रहें।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।