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08:21 IST

सूडान के न्याला में जानवरों के बाजार पर ड्रोन हमला, 30 लोगों की मौत

दक्षिण दारफूर के न्याला शहर के पशु बाजार पर शुक्रवार सुबह ड्रोन गिरा। RSF और सूडानी सेना के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।

सूडान के न्याला में जानवरों के बाजार पर ड्रोन हमला, 30 लोगों की मौत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

सूडान में चल रहा गृहयुद्ध एक बार फिर नया मोड़ ले रहा है। यह लड़ाई और ज्यादा भयानक होती जा रही है। दक्षिण दारफूर प्रांत के न्याला शहर में पशुधन का बड़ा बाजार है, और इसी बाजार को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया गया है।

खेती और जानवरों के सहारे गुजारा करने वाले सूडान के लोग इस बाजार में बड़ी तादाद में खरीद-बिक्री करने आते हैं। शुक्रवार की सुबह भी कई लोग अपने जानवर लेकर बाजार पहुंचे थे। व्यापारी भी बड़ी संख्या में जमा थे और सबके सौदे शुरू हो चुके थे। बाजार रोज की तरह चल रहा था।

तभी अचानक ऊपर से जोर की आवाज आने लगी और देखते ही देखते एक ड्रोन बाजार पर आकर गिरा। बड़ा धमाका हुआ और मौके पर ही 30 लोगों की मौत हो गई। इस हमले में 47 लोग जख्मी हुए हैं, यह जानकारी भी मिली है। कई जानवर भी मारे गए हैं।

RSF की शुरुआती जानकारी के मुताबिक मरने वालों में 17 महिलाएं और पांच छोटे बच्चे भी शामिल हैं। हमले के बाद सूडान में डर का माहौल है और निर्दोष लोगों के मारे जाने का दुख हर तरफ जताया जा रहा है। अब सूडान में लगभग कोई ऐसा इलाका नहीं बचा है जो सौ फीसदी सुरक्षित हो।

इस हमले के लिए RSF ने सूडानी सेना को जिम्मेदार ठहराया है। RSF का आरोप है कि तुर्की में बने ड्रोन का इस्तेमाल करके बाजार को निशाना बनाया गया। सूडानी सेना ने न्याला शहर में RSF के कमांड सेंटर और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करना माना है। लेकिन बाजार पर हुए हमले की जिम्मेदारी उसने साफ तौर पर नहीं ली है।

यानी दोनों में से किसी ने बाजार पर हमला करना कबूल नहीं किया है। ऐसे में सवाल यही रह जाता है कि बाजार पर ड्रोन किसने गिराया।

सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और RSF के बीच संघर्ष चल रहा है। RSF शुरुआत में सूडान सरकार के तहत काम करने वाली अर्धसैनिक सेना थी। बाद में RSF ने मांग की कि उसे सूडान की सैन्य सेवा में पूरे समय और स्थायी सेना के तौर पर मान्यता दी जाए। सूडान की सेना ने यह मांग ठुकरा दी, और तभी से दोनों के बीच संघर्ष शुरू हुआ।

RSF कोई आम बागी संगठन नहीं है। वह अपनी अलग सैन्य ताकत, तंत्र और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाला अर्धसैनिक दल है। इस संघर्ष में सूडान की अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य व्यवस्था और सामाजिक जीवन पूरी तरह तबाह हो गया है। अब तक हजारों आम लोगों को जान गंवानी पड़ी है और लाखों लोग अपने ही देश में विस्थापित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सूडान में दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक पैदा हो गया है।

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