चांदी के गहने सोना बताकर गिरवी रखे, क्रेडिट सोसायटी से 9.41 लाख का लोन उठाया
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मंचर में एक क्रेडिट सोसायटी से सोने के नाम पर चांदी के गहने गिरवी रखकर 9 लाख 41 हजार 500 रुपये का कर्ज लेने का मामला सामने आया है।
मंचर में एक क्रेडिट सोसायटी के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोने के गहने बताकर असल में चांदी के गहने गिरवी रखे गए और इसके बदले कुल 9 लाख 41 हजार 500 रुपये का कर्ज उठा लिया गया।
सोसायटी के अधिकारी राजेंद्र शिवराम गायकर ने इस बारे में मंचर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। गायकर 60 साल के हैं और जुन्नर तालुका के वारूळवाडी में रहते हैं।
शिकायत में बताया गया है कि श्री आंबिका ग्रामीण बिगरशेती सहकारी पतसंस्था की महाळुंगे पडवळ शाखा में 8 जून 2026 को सचिन राधाकिसन मोरे ने खाता खोला और सोसायटी की सदस्यता ली। मोरे आंबेगाव तालुका के नांदूर के रहने वाले बताए गए हैं। उसी दिन उन्होंने 38 ग्राम 600 मिली वजन के गहने सोने पर कर्ज लेने के लिए रखे।
सोसायटी में सोने की जांच करने वाले कर्मचारी किरण सूर्यकांत दहीवाळ ने गहनों का मूल्यांकन किया। उसी के आधार पर मैनेजर योगेश गावडे ने 3 लाख 14 हजार 500 रुपये का कर्ज मंजूर किया और यह रकम मोरे के बचत खाते में जमा कर दी गई।
इसके बाद 16 जून 2026 को मोरे दोबारा आए। इस बार उन्होंने 76 ग्राम 900 मिली वजन के गहने गिरवी रखे और 6 लाख 27 हजार रुपये का कर्ज लिया। इस तरह दो लेन-देन में कुल 9 लाख 41 हजार 500 रुपये का कर्ज निकाला गया।
कुछ दिनों बाद गहनों की जांच करने वाले कर्मचारी दहीवाळ को ही उन पर शक हुआ। इसके बाद सोसायटी के अधिकारियों ने गहनों की दोबारा जांच की। शिकायत का दावा है कि इस जांच में गहनों में सिर्फ 22.57 फीसदी सोना और 77.26 फीसदी चांदी निकली।
मामला यहीं नहीं रुका। मोरे ने जो पता दिया था, उस पर पूछताछ की गई तो पता चला कि नांदूर में इस नाम का कोई आदमी रहता ही नहीं है। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि कर्ज के लिए जमा किए गए कागजात भी फर्जी थे।
सोने के नाम पर चांदी के गहने गिरवी रखने और फर्जी कागजात देकर सोसायटी के साथ आर्थिक धोखाधड़ी करने के आरोप में गायकर ने शिकायत दी है। मामले की आगे की जांच मंचर पुलिस कर रही है।
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