धनतेरस पर गाड़ियों की भारी डिलीवरी, 2026 में करीब 3.2 करोड़ वाहन बिकने का अनुमान
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष साई गिरीधर के मुताबिक इस साल देश में करीब 3.2 करोड़ वाहन बिक सकते हैं। त्योहारों में मांग जोरदार रही।
इस साल देश में गाड़ियों की बिक्री इतिहास में पहली बार करीब 3.2 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले साल के मुकाबले यह बढ़त लगभग 10 प्रतिशत की होगी। इंडस्ट्री के लोगों का कहना है कि त्योहारों के सीजन में गाड़ियों की मांग जोरदार रही, इसी वजह से यह आंकड़ा छुआ जाएगा।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष साई गिरीधर ने बताया कि 2025 में कुल 2.8 करोड़ गाड़ियां बिकी थीं, जबकि इस साल करीब 3.2 करोड़ बिक्री होने की उम्मीद है।
गणेश चतुर्थी से लेकर नवरात्रि और 6 नवंबर की धनतेरस तक त्योहारों का जोर रहा। इसी दौरान गाड़ियों की रिटेल बिक्री 11.23 लाख यूनिट तक पहुंच गई। गाड़ी बनाने वाली कंपनियों को भी बड़ी डिलीवरी की उम्मीद थी, और बड़ी कंपनियों ने पिछले साल से दोगुनी बढ़त की उम्मीद जताई थी।
मारुति सुजुकी के वरिष्ठ अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा, "धनतेरस के दिन हम करीब 30,000 गाड़ियां देने वाले हैं। ब्रेजा और बलेनो, दोनों को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सिर्फ दो महीने में बलेनो की बिक्री 50,000 के पार और ब्रेजा की बिक्री 70,000 के पार चली गई है। दोनों गाड़ियों की बहुत बुकिंग अभी पेंडिंग है।" कंपनी ने त्योहारों के सीजन से अब तक 4 लाख से ज्यादा गाड़ियां भेजी हैं। पिछले साल इसी दौरान यह आंकड़ा 3.4 लाख था।
अक्टूबर में कुल 31,72,466 गाड़ियां बिकीं। पिछले महीने के मुकाबले यह बढ़त करीब 25 प्रतिशत की थी, लेकिन पिछले साल के मुकाबले बिक्री करीब 24 प्रतिशत कम रही। इसकी मुख्य वजह दोपहिया और पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में आई गिरावट बताई गई है।
टाटा मोटर्स ने इस दौरान 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की। टाटा के अधिकारी अमित कामत ने कहा, "धनतेरस पर बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला। एक दिन में 12,000 से ज्यादा गाड़ियों की डिलीवरी होने की उम्मीद है। दिवाली तक डिलीवरी चलती रहेगी।"
हुंडई ने भी धनतेरस पर अच्छी बढ़त दर्ज की। हुंडई के एमडी तरुण गर्ग ने कहा, "धनतेरस और दिवाली नई गाड़ी घर लाने के सबसे शुभ दिन हैं। इस साल भी ग्राहकों की तरफ से जोरदार मांग दिख रही है। हम करीब 16,000 गाड़ियां देने वाले हैं, जो पिछले साल से 14 प्रतिशत ज्यादा है।"
अक्टूबर कमर्शियल गाड़ियों, तीन पहिया गाड़ियों और ट्रैक्टर के लिए सबसे अच्छा महीना रहा। दोपहिया की 23,21,419 बिक्री हुई। पिछले महीने के मुकाबले यह 29 प्रतिशत की बढ़त थी, पर साल के मुकाबले 28 प्रतिशत की गिरावट। पैसेंजर गाड़ियां 5,07,768 बिकीं, जो महीने के मुकाबले 18 प्रतिशत ज्यादा हैं। यह अब तक का तीसरा सबसे अच्छा अक्टूबर रहा।
2026 में पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री 52 से 53 लाख तक जाने का अनुमान है। पहली बार 50 लाख का आंकड़ा पार होगा। मांग शहर और गांव, दोनों जगह से आ रही है। शहरों का हिस्सा करीब 60 प्रतिशत और गांवों का 40 प्रतिशत है। एंट्री-लेवल गाड़ियों और दोपहिया के लिए गांव का बाजार बहुत अहम है। गिरीधर ने कहा, "गांव की हालत अच्छी रहेगी तो एंट्री-लेवल गाड़ियों की बिक्री भी अच्छी होगी।"
फिलहाल गाड़ियों का स्टॉक 43 से 45 दिन का है। धनतेरस से दिवाली तक की बिक्री से इसके 30 दिन के नीचे आने की उम्मीद है। गिरीधर ने कहा कि अगर स्टॉक 30 दिन के आसपास नहीं आया तो साल के आखिर में स्टॉक निकालने के लिए सबको पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
अक्टूबर में EV की बिक्री 3.55 लाख पर पहुंची, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। गिरीधर ने कहा, "EV की मांग नहीं है, ऐसा नहीं है। गाड़ियां मिलना ही बड़ी दिक्कत है।" हाइब्रिड और CNG गाड़ियों को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। कुल मिलाकर आगे की तस्वीर उम्मीद भरी है, पर डीलरों को त्योहार के बाद की सुस्ती, सप्लाई की दिक्कत और बढ़े हुए ब्याज दर की चिंता है।
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