मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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स्कूल के पास बाघ ने किया चरवाहे का शिकार, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मौत का आंकड़ा हुआ तीस

स्कूल के पास बाघ ने किया चरवाहे का शिकार, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मौत का आंकड़ा हुआ तीस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

चंद्रपुर जिले के सावली तालुका के निलसनी पेठगांव में बुधवार दोपहर करीब १.३० बजे एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। गांव के पास मवेशी चरा रहे ६८ साल के वासुदेव लक्ष्मण वाकुडकर पर पट्टेदार बाघ ने अचानक हमला बोल दिया, जिसमें उनकी वहीं मौके पर मौत हो गई। जिले में इंसान और जंगली जानवर के बीच के इस टकराव में मरने वालों की यह तीसवीं संख्या है, यानी अब तक तीस लोग इस तरह की घटनाओं में जान गंवा चुके हैं।

मिलीजानकारी के मुताबिक वाकुडकर रोज की तरह गांव के पास की झाड़ीदार जंगल के करीब मवेशी चरा रहे थे। उसी वक्त झाड़ियों में छिपकर बैठे बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमला इतना अचानक हुआ कि वाकुडकर को बचने का मौका ही नहीं मिला और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह खबर फैलते ही गांव वाले दौड़ते हुए घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

यह घटना संरक्षित वन कक्ष क्रमांक १५१२ में हुई। खबर मिलते ही चंद्रपुर के सहायक वनसंरक्षक विकास तरसे और सावली के वनपरिक्षेत्र अधिकारी विनोद धुर्वे अपनी टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और वहां जाकर मुआयना किया।

गांव वालों का कहना है कि पिछले एक महीने से इस इलाके में बाघ का घूमना-फिरना देखा जा रहा था। इस बारे में बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, और आखिरकार बाघ ने एक निर्दोष इंसान की जान ले ली, ऐसा गांव वालों का मानना है।

इस घटना की सबसे चिंता की बात यह है कि जहां यह हादसा हुआ वह जगह जिला परिषद प्राइमरी स्कूल से बहुत ही करीब है। स्कूल की सुरक्षा दीवार भी टूटी-फूटी हालत में है, जिसकी वजह से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में बहुत चिंता है। गांव वालों की मांग है कि बाघ का जल्द से जल्द बंदोबस्त किया जाए और स्कूल और गांव की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल फैल गया है। वन विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है, इस पर गांव वालों समेत सबकी नजर टिकी है।

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