मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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वाघ के हमले में तरुण शेतकरी लहूलुहान; एक काठी से पलटा पूरा खेल

वाघ के हमले में तरुण शेतकरी लहूलुहान; एक काठी से पलटा पूरा खेल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

चंद्रपुर जिले के चिमूर तालुका में एक तरुण शेतकरी वाघ के हमले से बाल बाल बचा। यह घटना नेरी परिसर के नवतळा गांव के पास स्थित येवा जंगल में आज दोपहर करीब 4 बजे हुई। जख्मी शेतकरी का नाम शुभम वसंता शिवरकर है, जो नवतळा का रहने वाला है। शुभम ने जिस सूझबूझ के साथ इस हमले का सामना किया, उसी की वजह से वह इतने बड़े खतरे से थोड़े में बच निकला।

मिली जानकारी के मुताबिक शुभम दोपहर के वक्त अपनी गुरे लेकर गांव के पास येवा जंगल में चराने गए थे। यह जंगल नवतळा गांव से सटा हुआ है और आसपास के शेतकरी अक्सर अपने गुरे यहीं चराने ले जाते हैं। दोपहर करीब 4 बजे जंगल में चर रही गुरे अचानक इधर उधर भागने लगीं और ओरडने लगीं। गुरों की इस अचानक बेचैनी और आवाज को सुनकर आखिर क्या हुआ है यह देखने के लिए शुभम उस दिशा में दौड़े। उसी वक्त झाड़ियों में दबा बैठा एक बड़ा पट्टेदार वाघ शुभम पर अचानक झपटा।

इस हमले में वाघ के नाखून और दांतों से शुभम के हाथ और सिर पर गंभीर चोटें आईं। लेकिन इतनी बड़ी मुसीबत में भी शुभम ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए अपने हाथ में मौजूद काठी से वाघ का जोरदार मुकाबला किया और साथ ही मदद के लिए जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। शुभम के इस प्रतिकार और उनकी तेज आवाज को देखकर वाघ उन्हें छोड़कर वापस जंगल की तरफ भाग गया, जिससे उनकी जान बच गई।

घटना के बाद गांव वालों ने तुरंत इसकी सूचना वनविभाग को दी। जख्मी शुभम को तत्काल चिमूर के उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि उनकी हालत अभी खतरे से बाहर है।

इस घटना की खबर मिलते ही वनविभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। दिन दहाड़े हुए इस हमले की वजह से नवतळा और येवा जंगल परिसर के शेतकरियों में डर और दहशत का माहौल फैल गया है। स्थानिक ग्रामवासियों ने वनविभाग से इस इलाके में तुरंत गश्त बढ़ाने और हिंसक वन्यजीवों पर नियंत्रण करने की मांग की है, ताकि आगे इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो।

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