गोकुल में चार सरकारी संचालकों को वोट का अधिकार, सतेज पाटील का 9 नवंबर को मोर्चा
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राज्यपाल ने अध्यादेश को मंजूरी दी, जिसके बाद सतेज पाटील ने कोल्हापुर में संघर्ष मोर्चे का ऐलान किया है।
कोल्हापुर जिले के गोकुल दूध संघ में सत्ता की खींचतान अब अहम मोड़ पर आ पहुंची है। राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शुक्रवार को उस अध्यादेश को मंजूरी दे दी, जिसके तहत गोकुल में सरकार की तरफ से चार विशेषज्ञ संचालक नियुक्त किए जाएंगे। अध्यादेश के मुताबिक इन संचालकों को वोट देने का अधिकार भी दिया गया है।
गोकुल के 25 सदस्यों वाले संचालक मंडल में सतेज पाटील के नेतृत्व वाली समविचारी आघाड़ी ने 13 सीटें जीती थीं, जबकि महायुती को 12 सीटें मिली थीं। इस नतीजे के बाद महायुती सरकार ने गोकुल में पांच संचालक सरकार की तरफ से नियुक्त करने का फैसला किया। इन पांच में से एक सहायक निबंधक दर्जे का सरकारी अधिकारी होगा, जबकि बाकी चार से सहकारी संस्थाओं के कामकाज का अनुभव अपेक्षित है। चार विशेषज्ञ संचालकों को वोट का अधिकार है, पर सरकारी अधिकारी वोट नहीं कर सकेगा।
इस फैसले से सतेज पाटील के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। साथ ही गोकुल की सत्ता बनाने में महायुती के शामिल होने का रास्ता खुलने की संभावना भी बनी है। चार नियुक्त संचालकों के वोट से सत्ता के समीकरण बदल सकते हैं और चुनाव में 12 सीटें पाने वाली महायुती को संचालक मंडल में अतिरिक्त ताकत मिल सकती है। इसलिए अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले ही राजनीतिक हलचल तेज होने के आसार हैं।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद सतेज पाटील ने तीखा रुख अपनाया। अपने अधिकृत X अकाउंट से उन्होंने कोल्हापुर के लोगों से गोकुल में चल रहे मनमाने कारोबार के खिलाफ आंदोलन में उतरने की अपील की। उन्होंने, जिन्हें बंटी पाटील भी कहा जाता है, सवाल उठाया: "आप कोल्हापुर के लोगों का विश्वास जीतकर नहीं दिखा सके! तो फिर अध्यादेश की आड़ में गोकुल में अपने लोग घुसाकर सभासदों के कौल को क्यों कुचलते हैं?"
पाटील ने यह भी कहा, "चार नियुक्त सदस्यों को वोट का अधिकार देना यानी सभासदों के कौल पर सरकारी डकैती और कोल्हापुर के स्वाभिमान का अपमान! पसीना हमारे दूध उत्पादकों का, संस्था हमारे सभासदों की और हुक्म आपका? गोकुल आपकी जागीर नहीं है।" उन्होंने चेतावनी दी कि कोल्हापुर स्वाभिमान से समझौता नहीं करता, वह अहंकार की मस्ती उतार देता है और बस वक्त आने का इंतजार करता है।
कोल्हापुर के लोगों को आवाज देते हुए सतेज पाटील ने 9 नवंबर को दसरा चौक में आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने लिखा, "अब आना पड़ेगा! कोल्हापुर का संघर्ष मोर्चा, 9 नवंबर को सुबह 10 बजे, दसरा चौक।" इस तरह उन्होंने लोगों से गोकुल में चल रहे गैरकारोबार के खिलाफ जमा होने को कहा है।
अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद पांच सरकारी सदस्यों की नियुक्ति कर दी गई है। इनमें शौमिका महाडिक, नाविद मुश्रीफ और अशोक फरकटे के नाम हैं। एक और सदस्य के साथ सहायक निबंधक दर्जे का अधिकारी भी इस सूची में है। नाविद मुश्रीफ इस चुनाव में हार गए थे, फिर भी उनका नाम इन सदस्यों में शामिल है।
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