सीमापुरी में पांच मंजिला इमारत गिरने से चार की मौत, मलबे से इंसानी अवशेष भी मिले
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी में इमारत गिरने के हादसे में मरने वालों की गिनती चार हो गई है। मलबे से मिले अवशेषों की पहचान डीएनए से होगी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में इमारत गिरने के हादसे में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है। बचाव दल को मलबे से चार शव मिले हैं। मरने वालों में 21 साल की गुलाफ्शा, 56 साल की हजा बीबी, 33 साल की नूसरा और चार साल का एक बच्चा शामिल है। बच्चे की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
दिल्ली पुलिस की जानकारी के मुताबिक बचाव काम के दौरान मिट्टी के मलबे से शरीर के कुछ हिस्से और इंसानी अवशेष भी मिले। इनकी पहचान भी अभी नहीं हो सकी है। इन्हें पहचानने के लिए डीएनए जांच का सहारा लेना पड़ेगा।
इस मामले में सीमापुरी पुलिस स्टेशन में 8 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर कानून की अलग-अलग धाराओं में दर्ज हुई है। पुलिस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इमारत आखिर गिरी क्यों।
अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जगह पर चल रहा बचाव अभियान अब पूरी तरह रोक दिया गया है। मलबे के नीचे से मिले अवशेषों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि दूसरे पहलुओं की भी पड़ताल हो सके।
यह हादसा बुधवार को हुआ था, जब सीमापुरी इलाके में पांच मंजिला इमारत गिर गई। शाहदरा के पुलिस आयुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि बचाव दल अब तक सात लोगों की जान बचाने में कामयाब रहा है।
इससे पहले नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जिलाधिकारी अजय कुमार ने पत्रकारों को बताया था कि शुरुआती जानकारी के हिसाब से इमारत बुधवार दोपहर करीब 3 से 3.15 बजे के बीच गिरी। उनके मुताबिक 3.25 बजे उन्हें कॉल आया, जिसमें लोकेशन और वीडियो के जरिए जानकारी दी गई थी।
अजय कुमार डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी यानी डीडीएमए के प्रभारी भी हैं। उन्होंने कहा कि हादसे की खबर फौरन डीडीएमए और एनडीआरएफ के अफसरों और कर्मचारियों को दी गई और उन्हें तुरंत मौके पर बुला लिया गया। उनका कहना था कि इसी वजह से कुछ लोगों की जान बचाई जा सकी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। अवशेषों की पहचान डीएनए जांच से होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मलबे में और कौन लोग थे। इमारत गिरने की वजह भी जांच पूरी होने पर ही सामने आएगी।