बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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18:47 IST

जंतर मंतर रोड इलाके में धारा 163 के आदेश, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कल फिर धरने की संभावना

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सांसदों के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर रोड के आसपास BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं।

जंतर मंतर रोड इलाके में धारा 163 के आदेश, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कल फिर धरने की संभावना तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

दिल्ली में जंतर मंतर रोड के आसपास के इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए हैं। मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने आकाशवाणी भवन पर धरना दिया था। उसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कांग्रेस के नेता बुधवार को भी आंदोलन कर सकते हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुआई में इंडिया अलायंस के सांसद भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के दफ्तर से कुछ मीटर दूर आकाशवाणी भवन परिसर में जमा हुए थे। वहां राहुल गांधी, कांग्रेस के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा व इमरान प्रतापगढ़ी एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे। दिल्ली पुलिस ने बाद में सांसदों को हिरासत में लिया और किंग्सवे कैंप की न्यू पुलिस लाइन्स ले गई।

पुलिस का कहना है कि उसे सोशल मीडिया से खबर मिली थी कि इंडिया ब्लॉक के सांसद 6 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालेंगे। पुलिस के मुताबिक नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) के दफ्तर में इस मार्च की इजाजत के लिए कोई अर्जी नहीं दी गई थी, इसलिए परमिशन नहीं मिली। पुलिस ने बताया कि भीड़ और नई दिल्ली इलाके में धारा 163 के आदेश टूटने की आशंका को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ की आवाजाही पर काबू रखने और किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे।

पुलिस के अनुसार मार्च सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी पहला बैरिकेड पार करके नीति आयोग के पास लगे दूसरे बैरिकेड तक पहुंच गए। पुलिस ने बार-बार घोषणा करके उन्हें धारा 163 की पाबंदियों की जानकारी दी और शांति से हटने की अपील की। पुलिस का कहना है कि इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने निर्देश नहीं माने और वहीं डटे रहे।

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के मुख्यालय तक, जो करीब 300 मीटर दूर है, पहुंचने की कोशिश में दरवाजे धकेलकर खोल दिए। सूत्रों के मुताबिक आकाशवाणी भवन से पीसीआर कॉल आई थी कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस गए हैं।

मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "300 सांसदों को यहां रोका गया और फिर हमें यहां बैठा दिया गया। चुनाव आयोग 50 गज दूर है। वे हमें वहां जाने नहीं देते। मुझे समझ नहीं आता कि दिक्कत क्या है। चुनाव ठीक से कराना चुनाव आयोग का काम है। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि देश में क्या चल रहा है। अगर प्रतिनिधि मिल ही नहीं सकते, तो लोकतंत्र का मतलब क्या है?"

राहुल गांधी ने यह भी कहा, "हमारे देश के साथ जो किया गया है, उसे देशद्रोह कहते हैं और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश का लोकतंत्र खत्म कर दिया है। 'वोट चोरी' से देश का अपहरण किया गया है। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा, सब पर कार्रवाई होगी।"

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