दिल्ली के प्रदर्शन में कॉन्स्टेबल अंकित कसाना का भीड़ पर मारपीट का आरोप
कांग्रेस और विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल ने भीड़ पर घेरने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पुलिस वीडियो खंगाल रही है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों का तनाव एक बार फिर चर्चा में है। ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल अंकित कसाना ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट हुई। उनके मुताबिक प्रदर्शनकारियों की एक बड़ी भीड़ ने उन्हें घेर लिया और बदसलूकी के साथ मारपीट भी की। घटना के बाद उनकी मेडिकल जांच कराई गई है, और दिल्ली पुलिस इस वाकये के वीडियो देख रही है।
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं की तरफ से चल रहा है। बुधवार को जंतर-मंतर इलाके में प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़ जमा थी। उसी वक्त पुलिस कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी, और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
कसाना का आरोप है कि इसी अफरातफरी में भीड़ ने उन्हें घेर लिया। उनके कहने के मुताबिक भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन पर हमला किया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी वर्दी को नुकसान पहुंचा है। उनका आरोप है कि वर्दी फाड़ दी गई।
कसाना ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बहुत सारे लोगों ने उन्हें घेर रखा था और उस भीड़ में महिलाएं भी थीं। उनके अनुसार सब कुछ अचानक हुआ, इसलिए अब वे उन लोगों के चेहरे या नाम नहीं पहचान पाएंगे।
कसाना ने बताया कि भीड़ ने उन्हें पीछे से खींचा और उन पर हमला किया। उनका आरोप है कि उन्होंने छोड़ने की गुजारिश की, फिर भी भीड़ में से किसी ने उन्हें नहीं छोड़ा। हालात बिगड़ने पर उनके साथियों ने बीच में आकर उन्हें भीड़ से बाहर निकाला। कसाना के मुताबिक 3 से 4 पुलिसकर्मियों ने उन्हें निकाला और इसी वजह से उनकी जान बच पाई। उनका कहना है कि भीड़ में पुरुष, महिलाएं और कुछ बुजुर्ग भी थे।
इस बीच घटना के कुछ वीडियो सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किए गए वीडियो की जांच कर रही है। पुलिसकर्मी पर कथित हमला करने वालों की पहचान करने की कोशिश चल रही है।
खबर है कि इस मामले में पुलिस FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है। सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, मारपीट करने और इससे जुड़े दूसरे अपराधों के तहत कार्रवाई होने की संभावना है।