शरद पवार बोले, दिल्ली के धरने से पहले महाराष्ट्र का सूखा हमारी पहली फिक्र
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शरद पवार ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले में केंद्र को वक्त पर फैसला लेना चाहिए था, पर उनका ध्यान अभी सूखे पर है।
वरिष्ठ नेता शरद पवार ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मामले में केंद्र सरकार को वक्त रहते फैसला लेना चाहिए था। उनके मुताबिक सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया, इसी वजह से विपक्षी पार्टियों को एक साथ आकर आंदोलन करना पड़ रहा है। पवार ने यह भी बताया कि दिल्ली के इस आंदोलन में राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी की तरफ से सांसद सुप्रिया सुले और दूसरे नेता शामिल होंगे।
इसके बावजूद पवार ने साफ किया कि फिलहाल उनका ध्यान महाराष्ट्र के सूखे पर है। उन्होंने कहा कि किसानों को पानी और जानवरों के चारे की सख्त जरूरत है और इसी पर उनकी नजर है। एक तरफ चुनाव आयोग के मुद्दे पर देश का सियासी माहौल गरम है, तो दूसरी तरफ राज्य में सूखे ने गांवों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन दोनों के बीच पवार ने पानी, चारा और सूखे से राहत के सवालों को पहले रखा है।
उजनी में प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर के बारे में पवार ने कहा कि एआई प्रोजेक्ट से पानी कम हो जाएगा, ऐसा नहीं है। हां, पानी के स्रोतों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को इस वक्त पानी की फौरन जरूरत है।
सूखे के हालात को खुद देखने के लिए पवार माढा तालुका के दुधाली इलाके में जाएंगे। उन्होंने बताया कि उनके साथ स्थानीय विधायक भी रहेंगे। पवार के मुताबिक किसानों को अपने जानवरों के लिए पानी और चारा बहुत ज्यादा चाहिए।
आंकड़ों की बात करें तो सोलापुर जिले के 139 गांवों में 135 टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है। अकेले माढा तालुका में 110 टैंकर लगे हैं। पवार ने कहा कि सूखे की गंभीरता समझाने के लिए ये आंकड़े काफी हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रभावित लोगों से सीधे मिलेंगे, उनकी जरूरतें समझेंगे और जरूरी मदद दिलाने की कोशिश करेंगे। इस सिलसिले में उन्होंने दिल्ली में और मुख्यमंत्री के साथ भी बैठकें की हैं।
महाराष्ट्र में सूखे के हालात गंभीर होते जा रहे हैं। जानवरों के चारे और पीने के पानी की दिक्कत भी बढ़ रही है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार सोमवार को सूखे का जायजा लेने के दौरे पर निकलने वाले हैं। इस दौरे में वे सोलापुर जिले के माढा तालुका के तुलसी गांव जाकर हालात देखेंगे। पवार ने कहा है कि वे सोलापुर के भूम-परंडा और धाराशिव भी जाएंगे। उनका कहना है कि सूखे की मार झेल रहे किसानों और गांव के लोगों को राहत देना सबसे जरूरी है।
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