बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

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सेबू में राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ की बैठक, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति

सेबू में राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव हेगसेथ की बैठक, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दुनिया PT24 टीम

फिलीपींस के सेबू में ADMM-Plus के दौरान राजनाथ सिंह और पीटर हेगसेथ ने रक्षा सहयोग, सह-उत्पादन और जानकारी के आदान-प्रदान पर बात की।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिलीपींस के सेबू शहर में अमेरिका के रक्षा सचिव पीटर हेगसेथ से मुलाकात की। यह द्विपक्षीय बैठक 13वीं 'आसियान रक्षा मंत्री बैठक-प्लस' (ADMM-Plus) के दौरान हुई। दक्षिण-पूर्व एशिया की सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की बढ़ती चुनौतियों के बीच हुई इस बातचीत में रक्षा सहयोग, सैन्य तकनीक के सह-उत्पादन और जानकारी के आदान-प्रदान को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।

बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों देशों ने 10 साल पुराने भारत-अमेरिका मेजर डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की। उनके मुताबिक इस फ्रेमवर्क से सैन्य सहयोग, दोनों सेनाओं के तालमेल, अत्याधुनिक तकनीक के हस्तांतरण और रक्षा सामग्री के साझा उत्पादन में बड़ा बदलाव आया है। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि मुक्त, खुले और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के लिए भारत-अमेरिका साझेदारी एक मजबूत बुनियाद है।

बातचीत में सह-उत्पादन (Co-production) को और रफ्तार देने पर चर्चा हुई। बताया गया कि इससे भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल को मजबूती मिलेगी। अमेरिकी रक्षा सचिव पीटर हेगसेथ ने भी बैठक के बाद संतोष जताया और कहा कि भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बेहद अहम और भरोसेमंद साझेदार है।

इंडो-पैसिफिक में चीन की बढ़ती आक्रामकता पर लगाम लगाने और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए भारत और अमेरिका का साथ आना जरूरी माना जाता है। बैठक में सिर्फ द्विपक्षीय रिश्तों पर ही नहीं, बल्कि दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर की समुद्री सुरक्षा पर भी गहरी बात हुई। दोनों नेताओं ने तय किया कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित होने वाले युद्धाभ्यास और इंटेलिजेंस शेयरिंग को और मजबूत किया जाएगा।

सेबू में यह शिखर परिषद 28 और 29 अक्टूबर को हो रही है। राजनाथ सिंह भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगे। आसियान यानी एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का प्रमुख संगठन है। ADMM-Plus आसियान के सदस्य देशों और उनके आठ संवाद साझेदारों (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) के बीच सुरक्षा का सर्वोच्च मंच है। 2026 की परिषद की अध्यक्षता फिलीपींस के पास है और इस साल का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई है।

भारत 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना था और 2010 से ADMM-Plus के जरिए इन देशों के साथ रक्षा सहयोग कर रहा है। भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के तहत यह मंच अहम माना जाता है। इसी के तहत भारत 2024 से 2027 तक मलेशिया के साथ 'आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह' (Expert Working Group on Counter-Terrorism) का सह-अध्यक्ष है।

सेबू की परिषद में चीन और रूस के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। ऐसे में भारत और अमेरिका की तरफ से सहयोग का यह संदेश इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन (Balance of Power) बनाए रखने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। राजनाथ सिंह के इस दौरे से अमेरिका ही नहीं, फिलीपींस, वियतनाम, सिंगापुर और जापान जैसे देशों के साथ भी भारत के सैन्य रिश्ते नए सिरे से मजबूत होंगे।

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