नागपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का बड़ा कदम: T-90 टैंक के लिए बनाई स्वदेशी आर्मर प्लेट, पहली खेप रवाना
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री अंबाझरी ने देश में पहली बार हाई स्ट्रेंथ एल्युमिनियम एलॉय आर्मर प्लेट्स की 2 किस्में विकसित कीं, पहली खेप टी-90 टैंक के लिए रवाना।
नागपुर जिले के रक्षा निर्माण क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 'यंत्र इंडिया लिमिटेड' (YIL) की इकाई ऑर्डिनेंस फैक्ट्री अंबाझरी (ओएफएजे) ने देश में पहली बार 'हाई स्ट्रेंथ एल्युमिनियम एलॉय आर्मर प्लेट्स' की 2 किस्में विकसित की हैं।
ओएफएजे में हुए एक समारोह के दौरान इन स्वदेशी आर्मर प्लेट्स की पहली खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यंत्र इंडिया लिमिटेड के निदेशक-परिचालन एवं सीएमडी विजयकुमार अय्यर ने यह खेप रवाना की। इस मौके पर ओएफएजे के कार्यकारी निदेशक अजय कुमार येरपुडे भी मौजूद थे।
यह पूरी खेप आर्मर्ड व्हीकल निगम लिमिटेड (एवीएनएल) की चेन्नई स्थित इकाई हेवी व्हीकल फैक्ट्री, अवादी को भेजी गई है। वहां इनका इस्तेमाल भारतीय सेना के टी-90 'भीष्म' टैंकों के आर्मर पुर्जे बनाने में किया जाएगा।
टी-90 टैंक बनाने के लिए ये खास आर्मर प्लेटें अब तक विदेश से मंगवाई जाती थीं। लेकिन रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद इन आयातित प्लेटों की सप्लाई चेन बुरी तरह गड़बड़ा गई थी।
भारत में इस खास सामग्री का कोई स्वदेशी स्रोत नहीं था। इसी वजह से एचवीएफ अवादी में टी-90 टैंकों का लगातार उत्पादन गंभीर चिंता की बात बन गया था। अब नागपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ओएफएजे ने देसी विकल्प तैयार कर दिया है, जिससे इस गंभीर रक्षा संकट का समाधान हो गया है।
ये प्लेटें टैंकों और बख्तरबंद गाड़ियों को ऊंचे दर्जे की बैलिस्टिक सुरक्षा और मजबूती देती हैं। स्टील के मुकाबले एल्युमिनियम एलॉय का इस्तेमाल होने से बख्तरबंद प्लेटफॉर्म और रक्षा प्रणालियों का कुल वजन घटता है, और इससे टैंकों की गतिशीलता बढ़ती है।
इस आर्मर प्लेट के विकास और रोलिंग प्रक्रिया के लिए हैदराबाद स्थित मिश्र धातु निगम लिमिटेड का सहयोग लिया गया।