सातारा जिला बैंक चुनाव: महायुति की एकजुटता के लिए कुछ सीटें छोड़ीं, बोले शिवेंद्रसिंहराजे
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लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने कहा कि सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में सीटों के बंटवारे के वक्त स्थानीय ताकत से ज्यादा महायुति की एकजुटता को तरजीह दी गई।
सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि सीटें बांटते समय स्थानीय राजनीतिक ताकत के बजाय महायुति की एकजुटता बनाए रखने को पहली तरजीह दी गई।
शिवेंद्रसिंहराजे के मुताबिक सातारा तालुका में वोट देने वालों की तादाद सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद उम्मीद से कम सीटों पर संतोष करना पड़ा। उन्होंने माना कि यह फैसला महायुति में टकराव टालने और वरिष्ठ नेताओं की सूचनाओं का पालन करने के लिए लिया गया।
बैंक चुनाव की सीटों को लेकर जिले के सियासी गलियारों में चर्चा चल रही थी। इसी बीच शिवेंद्रसिंहराजे ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि राज्य में महायुति की सरकार मिलकर काम कर रही है, इसलिए जिले के चुनावों में भी घटक दलों के बीच तालमेल रहना जरूरी था। इसी सोच के साथ कुछ जगहों पर अपनी ताकत होने के बावजूद समझौता मंजूर करना पड़ा।
उनका कहना था कि सातारा तालुका में वोटों की संख्या और सियासी ताकत ज्यादा होने पर भी उसी हिसाब से सीटें लेने की जिद नहीं की गई। महायुति के बाकी घटक दलों को भी ठीक-ठाक नुमाइंदगी मिले, इसलिए कुछ सीटें छोड़ दी गईं, यह उन्होंने बताया। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह फैसला सिर्फ स्थानीय सियासी फायदे को देखकर नहीं, बल्कि गठबंधन के बड़े हित को देखकर लिया गया।
इससे पहले जिला परिषद चुनाव के वक्त महायुति के घटक दलों के बीच टकराव हो चुका था। वही टकराव जिला बैंक के चुनाव में दोबारा न दिखे, इसके लिए ऊपर के स्तर से खास कोशिशें चल रही थीं। नेतृत्व का रुख यह था कि स्थानीय स्तर पर मतभेद बढ़े तो उसका असर महायुति के पूरे सियासी समीकरण पर पड़ सकता है। इसलिए सीटें बांटते समय सभी घटक दलों को साथ लेकर चलने की नीति अपनाई गई।
शिवेंद्रसिंहराजे ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तालमेल की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। उनके मुताबिक वरिष्ठों की दी हुई सूचनाओं के हिसाब से उन्होंने यह जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई।
रविवार को जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के लिए मतदान चल रहा था। उस दौरान शिवेंद्रसिंहराजे मतदान केंद्र पहुंचे। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सीटों के बंटवारे के पीछे का सियासी गणित समझाया। उनके बयान से यह बात सामने आई कि स्थानीय स्तर पर ताकत होना अहम है, लेकिन गठबंधन टिकाए रखने के लिए सूझबूझ और तालमेल जरूरी है।
अब माना जा रहा है कि शिवेंद्रसिंहराजे की इस सफाई से जिला बैंक चुनाव की सीटों को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो सकती है। महायुति की एकजुटता के लिए सातारा के नेताओं ने जो कदम पीछे खींचे, उनका आगे के सियासी समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा, इस पर अब सबकी नजर है।
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