सातारा जिला बैंक चुनाव: उदयनराजे और नितिन पाटील पीछे हटे, काका धुमाल निर्विरोध
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सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में दस साल के मापदंड की वजह से राजनीतिक समीकरण पूरी तरह उलट-पुलट हो गए हैं। चुनाव के मैदान में बड़े नेताओं के पीछे हटने का सिलसिला शुरू हो गया है। सांसद श्रीमंत छत्रपती उदयनराजे भोसले और सांसद नितिन पाटील ने अपने उम्मीदवारी नामांकन वापस ले लिए हैं। इससे जिले के राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल मच गई है।
इन दिग्गजों के हटने के बाद काका धुमाल की निर्विरोध जीत तय हो गई है। जिला बैंक की सत्ता की राजनीति में इस घटनाक्रम से नया मोड़ आ गया है।
दस साल के मापदंड की पृष्ठभूमि में चुनाव के गणित बदलते दिख रहे हैं। इसी मापदंड के चलते उदयनराजे भोसले ने चुनाव से नाम वापस ले लिया, जबकि नितिन पाटील ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया। नतीजा यह हुआ कि जिला बैंक के चुनाव की राजनीतिक टक्कर और आगे बनने वाले सत्ता समीकरणों को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।
पीछे हटने की यह हवा सिर्फ सांसदों तक सीमित नहीं रही। बैंक और शहरी क्रेडिट सोसाइटी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक मनोज घोरपडे और मौजूदा पार्षद अविनाश कदम ने भी अपने उम्मीदवारी नामांकन वापस ले लिए हैं। इससे चुनावी मुकाबले की तस्वीर बदल गई है और राजनीतिक हलकों की नजर अब प्रमुख उम्मीदवारों के फैसलों पर टिकी है।
एक तरफ बड़े नेता मैदान से हट गए हैं, तो दूसरी तरफ काका धुमाल का निर्विरोध चुना जाना तय होने से जिला बैंक की राजनीति में उनकी अहमियत उभरकर सामने आई है। दस साल के मापदंड से बनी स्थिति, प्रमुख नेताओं के पीछे हटने के फैसले और निर्विरोध चुनाव की बदली तस्वीर के बाद यह चुनाव अब सिर्फ संचालक पद तक सीमित नहीं रहा। यह राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।
इन घटनाओं के बाद जिला बैंक की आने वाली राजनीति में किसका पलड़ा भारी रहेगा और बदले हुए समीकरणों का सत्ता की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
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