बुलढाणा के 3 लाख 36 हजार 825 किसान परिवारों के खाते में पहुंचे 67 करोड़ 36 लाख रुपये
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पीएम किसान की 24वीं किस्त बुलढाणा जिले के पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे जमा की गई। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि दिवाली से पहले किसानों को कुल 7 हजार रुपये का आर्थिक सहारा मिलेगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि यानी पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों जारी की गई। इसके तहत बुलढाणा जिले के 3 लाख 36 हजार 825 पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 67 करोड़ 36 लाख रुपये की रकम सीधे जमा की गई।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि दिवाली के मौके पर केंद्र और राज्य सरकार की अलग-अलग योजनाओं के जरिए किसानों को आर्थिक आधार मिल रहा है।
इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बुलढाणा के कृषि विज्ञान केंद्र में रखा गया था। यह केंद्र डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के तहत आता है। वहां डॉ. धनराज उंदीरवाडे, डॉ. प्रमोद वाकळे, संतोष डाबरे, डॉ. सतीश जाधव, अमोल झापे, ओमसिंग राजपूत, अनुजा सावळे और एड. गायकवाड मौजूद थे। इनके अलावा जिले के किसान और महिला बचत समूहों की प्रतिनिधि भी आए थे।
कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के संभावित असर का जिक्र हुआ। कहा गया कि इनसे खेती के सामने जो चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं, उनसे निपटने के लिए किसान आधुनिक तकनीक का असरदार इस्तेमाल करें।
कुछ महिला बचत समूहों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानपत्र देकर प्रतीकात्मक रूप से सम्मानित भी किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अमोल झापे ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी। विस्तार शिक्षा संचालक डॉ. धनराज उंदीरवाडे और जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी संतोष डाबरे ने खेती से जुड़ी अलग-अलग योजनाओं की जानकारी दी।
प्रतापराव जाधव ने यह भी कहा कि सूखे जैसे हालात और फसलों के नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से 5 हजार रुपये का अग्रिम लाभ दिया जा रहा है। उनके मुताबिक इस तरह दोनों योजनाओं को मिलाकर पात्र किसानों को दिवाली से पहले कुल 7 हजार रुपये का आर्थिक सहारा मिलेगा।
रबी सीजन को लेकर भी कार्यक्रम में बात हुई। आने वाले दिनों में पानी की किल्लत की आशंका को देखते हुए मौजूद पानी का बारीकी से नियोजन जरूरी बताया गया। किसानों से कहा गया कि पीने के पानी की जरूरत और मवेशियों के लिए चारे की उपलब्धता का ध्यान रखकर रबी की योजना बनाएं, और चना, ज्वार और चारा फसलों की खेती को पहले रखें।
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