सातारा जिल्हा बैंक चुनाव: अर्ज भरने के बीच बड़े नेताओं की बैठकें, उदयनराजे से भी मुलाकात
सातारा जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में उम्मीदवारी अर्ज भरे जा रहे हैं। इसी बीच सोमवार को बैंक में वरिष्ठ नेताओं की बैठक और जलमंदिर पैलेस पर दोनों राजों की मुलाकात हुई।
सातारा जिल्हा मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव के लिए उम्मीदवारी अर्ज भरने की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच जिले के बड़े नेताओं की मुलाकातों में अचानक तेजी आ गई है। सोमवार को जिला बैंक की चौथी मंजिल पर वरिष्ठ नेताओं की करीब डेढ़ घंटे बैठक हुई। उसके बाद जलमंदिर पैलेस पर शिवेंद्रसिंहराजे भोसले और सांसद उदयनराजे भोसले के बीच लगभग एक घंटे बातचीत हुई। इन दोनों बैठकों की वजह से बैंक चुनाव का राजनीतिक गणित एक बार फिर चर्चा में है।
चौथी मंजिल की बैठक में राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, राहत और पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटील, सांसद नितीन पाटील और बैंक के संचालक रामराजे नाईक-निंबाळकर एक ही जगह मौजूद थे। बैठक में ठीक किस बात पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। फिर भी बैंक के 21 संचालकों के चुनाव को देखते हुए इस बैठक पर सबकी नजर है। इसी दौरान शिवेंद्रसिंहराजे ने कहा कि आगे के फैसले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सूचना के मुताबिक होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महायुति के घटक दलों से बात करके ही आगे की दिशा तय की जाएगी। इससे संकेत मिलते हैं कि अर्ज भरे जा रहे हैं, लेकिन आखिरी राजनीतिक समीकरण अभी बना नहीं है।
इस बार शुरू से ही बड़े राजनीतिक चेहरों की उम्मीदवारी पर सबकी निगाह है। सांसद उदयनराजे भोसले ने गृहनिर्माण मतदारसंघ से अर्ज भरकर चुनाव प्रक्रिया में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बाद रामराजे नाईक-निंबाळकर ने प्रक्रिया उद्योग मतदारसंघ से अपना अर्ज दाखिल किया।
पिछले चुनाव में सोसायटी मतदारसंघ की 11 सीटें बिनविरोध हुई थीं। बाकी दस सीटों के लिए मतदान हुआ था। इस बार अर्ज भरने के शुरुआती दौर में ही बड़े नेताओं की हलचल शुरू हो गई है, इसलिए आने वाले कुछ दिनों में यह देखा जाएगा कि किस मतदारसंघ से किसका नाम सामने आता है।
बैंक में बैठक के बाद शिवेंद्रसिंहराजे ने सुरुची निवासस्थान पर मीडिया से बात की। फिर वे जलमंदिर पैलेस गए और उदयनराजे भोसले से मिले। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटा बातचीत चली। इस बातचीत का ब्योरा भी सामने नहीं आया है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के बीच दोनों राजों की यह मुलाकात राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी।
आगे की चर्चाओं में इस पर भी बात होने की संभावना है कि बैंक के मौजूदा अनुभवी संचालकों को फिर मौका दिया जाए या कुछ मतदारसंघों में नए चेहरे उतारे जाएं। शिवेंद्रसिंहराजे ने भी साफ किया है कि आखिरी फैसले से पहले और बातचीत होगी।
उम्मीदवारी अर्ज भरने के लिए अभी वक्त है। इसलिए अगले कुछ दिनों में बैठकों, मुलाकातों और राजनीतिक चर्चाओं में और तेजी आ सकती है। सोमवार की बैठकों से क्या राजनीतिक संदेश निकलता है और उसका असर उम्मीदवारी अर्जों में कैसे दिखता है, इस पर अब पूरे जिले की नजर है।