उदयनराजे बोले, महत्त्वाकांक्षा रखने में गलत क्या, पर आपस में टकराव नहीं होना चाहिए
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जिला बैंक चुनाव के मतदान के दिन सांसद उदयनराजे भोसले ने नेताओं से संयम रखने को कहा और स्थानीय विवादों से खुद को अलग बताया।
सांसद उदयनराजे भोसले ने जिला बैंक के चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राजनीति में हर किसी की कोई न कोई महत्त्वाकांक्षा होती है। उसे रखने में या चुनाव लड़ने में गलत क्या है, यह सवाल उन्होंने खुद उठाया। साथ ही उनका कहना था कि इस महत्त्वाकांक्षा को आपसी टकराव में नहीं बदलना चाहिए।
जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के संचालक मंडल के लिए रविवार को वोटिंग चल रही थी। इसी दौरान उदयनराजे सातारा शहर के एक मतदान केंद्र पर पहुंचे। वहां उन्होंने मीडिया से बात की और चुनाव तथा राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा पर अपनी राय सामने रखी।
बैंक के चुनाव में नौ सीटें बिना मुकाबले के तय हो चुकी हैं। बाकी बारह सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इस चुनाव में जिले के प्रमुख राजनीतिक नेताओं के समर्थक एक दूसरे के सामने खड़े हैं। कुछ जगहों पर राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई जैसा माहौल बन गया है, और इससे स्थानीय स्तर पर मतभेद भी खुलकर सामने आए हैं।
उदयनराजे ने कहा कि चुनाव लड़ना हर किसी का अधिकार है। राजनीति में आगे बढ़ने की इच्छा होना स्वाभाविक है, इसलिए किसी की महत्त्वाकांक्षा को बुरी नजर से देखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी इशारों में कहा कि राजनीतिक मुकाबला भले हो, पर नेताओं को ध्यान रखना चाहिए कि उससे कड़वाहट और टकराव पैदा न हो।
जिला परिषद और जिला बैंक को लेकर स्थानीय स्तर पर जो राजनीतिक विवाद चल रहे हैं, उनसे उदयनराजे ने अपना कोई संबंध न होने की बात साफ की। उन्होंने किसी भी गुट का पक्ष नहीं लिया। उनकी बातों से यही दिखा कि वे नहीं चाहते कि उन्हें इस खींचतान में घसीटा जाए।
जिले के राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। ऐसे में उदयनराजे ने सभी से संयम रखने की अपील की। राजनीतिक गलियारों में अब जिला बैंक चुनाव में उनकी भूमिका के साथ-साथ स्थानीय राजनीतिक टकराव से उनके बनाए गए फासले की भी चर्चा हो रही है।
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