शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026

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05:29 IST

हूथी हमलों के बीच सऊदी और ईरान के विदेश मंत्रियों की बात, तेहरान ने सहयोग की पेशकश की

रियाद और दम्माम के एयरपोर्ट पर मिसाइल हमलों के बाद सऊदी अरब और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई।

हूथी हमलों के बीच सऊदी और ईरान के विदेश मंत्रियों की बात, तेहरान ने सहयोग की पेशकश की तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

यमन के हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के अहम और भीड़भाड़ वाले ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल हमलों की झड़ी लगा दी है। इन हमलों के बाद पश्चिम एशिया यानी मध्य पूर्व का माहौल बेहद नाज़ुक मोड़ पर पहुंच गया है। इसी बीच सऊदी अरब और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच अहम बातचीत हुई है।

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच फोन पर बात हुई। हूथी विद्रोहियों के सऊदी के नागरिक ठिकानों पर मिसाइल हमले तेज़ होने के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली आधिकारिक और सार्वजनिक बातचीत दर्ज की गई है। इस बातचीत में ईरान ने सऊदी अरब और यमन के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति वार्ता को आसान बनाने के लिए हर तरह का सहयोग देने का प्रस्ताव रखा। ईरानी विदेश मंत्री ने टेलीग्राम के ज़रिए यह जानकारी देते हुए कहा कि तेहरान इलाके में तनाव घटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शनिवार को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। शुरुआत में इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी और 309 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। रविवार को इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल एक भारतीय नागरिक ने दम तोड़ दिया, जिससे पहले हमले में मरने वालों की संख्या 13 हो गई।

बात यहीं खत्म नहीं हुई। रविवार को हूथी विद्रोहियों ने किंग खालिद एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 पर फिर से मिसाइल दागी, जिससे एयरपोर्ट परिसर में भीषण आग लग गई। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) की दी हुई जानकारी के मुताबिक इस दूसरे हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा बहरीन और कतर की सरहद के पास बसे दम्माम शहर के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी मिसाइल हमला हुआ है। सऊदी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है, हालांकि पूरा ब्योरा अभी सामने नहीं आया है। इसे पिछले एक दशक में सऊदी अरब की ज़मीन पर हुआ सबसे जानलेवा हमला माना जा रहा है।

हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। प्रिंस फैसल बिन फरहान ने बहरीन, ब्रिटेन, जॉर्डन और यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधियों से तुरंत बात की। बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ अल-ज़यानी ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए पूरे समर्थन का भरोसा दिया। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाने की निंदा की और सऊदी सरकार के साथ यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को भी ब्रिटेन के पूरे समर्थन का ऐलान किया। यूरोपियन यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस हमले को खुले तौर पर "आतंकी कृत्य" कहा और नागरिक उड़ानों तथा समुद्री व्यापार रास्तों की सुरक्षा के लिए वैश्विक सहयोग बढ़ाने की ज़रूरत बताई। जॉर्डन के विदेश मंत्री आयमन सफादी ने घायल जॉर्डनी नागरिकों को सऊदी सरकार की तरफ से फौरन मिली चिकित्सा मदद के लिए शुक्रिया अदा किया।

हूथी विद्रोहियों की अचानक बढ़ी इस आक्रामकता से सिर्फ सऊदी अरब ही नहीं, पूरे खाड़ी क्षेत्र की आर्थिक स्थिरता को बड़ा झटका लगा है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं और सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है, इसलिए वैश्विक व्यापार और ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

सऊदी अरब इस तनाव से निकलने और जंग को फैलने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देशों के साथ कूटनीतिक रास्ते से काम कर रहा है। ईरान का बातचीत का प्रस्ताव इस संकट का राजनीतिक हल निकालने में अहम साबित हो सकता है, लेकिन आगे क्या होगा, यह इस पर निर्भर करेगा कि हूथी विद्रोही इस पर क्या जवाब देते हैं।

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