मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
18:20 IST

कोल्हापुर में 2013 की हेमंत गायकवाड हत्या, कोर्ट ने पिता और दो बेटों को उम्रकैद सुनाई

रमणमला के पोस्ट ऑफिस चौक पर दिनदहाड़े हुई गोलीबारी के मामले में 13 साल बाद फैसला आया है। राजेंद्र सावंत और उनके दो बेटे दोषी ठहराए गए, चौथे आरोपी संतोष इंगवले बरी हुए।

कोल्हापुर में 2013 की हेमंत गायकवाड हत्या, कोर्ट ने पिता और दो बेटों को उम्रकैद सुनाई
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कोल्हापुर के रमणमला पोस्ट ऑफिस चौक पर 2013 में दिनदहाड़े गोली मारकर हेमंत बाबासो गायकवाड (उम्र 29) की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट का फैसला अब, करीब 13 साल बाद आया है। प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश ए. एम. पाटील ने राजेंद्र आनंदा सावंत (63) और उनके दो बेटों अभिजित राजेंद्र सावंत (32) व धैर्यशील राजेंद्र सावंत (36) को दोषी ठहराया और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

इसी केस के एक और आरोपी संतोष इंगवले को कोर्ट ने बरी कर दिया।

रमणमला इलाके में हेमंत गायकवाड और सावंत परिवार के युवकों के बीच वर्चस्व और पुराने झगड़ों को लेकर तनातनी चल रही थी। 24 मई 2013 को रमणमला के पोस्ट ऑफिस चौक पर फिर विवाद हुआ। आरोप था कि इसके बाद राजेंद्र सावंत, अभिजित और धैर्यशील ने हेमंत गायकवाड पर हमला किया। इसी दौरान राजेंद्र सावंत ने रिवॉल्वर से गोली चलाई। हेमंत के सिर में गोली लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शशिकांत गायकवाड भी इसमें घायल हुए। गोलीबारी के बाद तीनों कार से फरार हो गए थे।

पुलिस ने इस केस में चार पिस्तौल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी थीं। बैलेस्टिक और फॉरेंसिक जांच में साफ हुआ कि गोली एक प्राइवेट 9 एमएम पिस्तौल से चली थी। कुल तीन राउंड फायर हुए थे। एक गोली हेमंत के सिर में लगी, दूसरी का निशाना चूक गया और तीसरी शशिकांत को छूकर निकल गई, जिससे वे घायल हुए।

वारदात के बाद पुलिस ने अभिजित और धैर्यशील सावंत को गिरफ्तार कर लिया था। राजेंद्र सावंत उस वक्त फरार हो गए थे। उन्हें लॉकडाउन के दौरान गिरफ्तार किया गया। इसके बाद तीनों के खिलाफ जिला कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई। राजेंद्र सावंत को मेडिकल वजह से मुंबई हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत भी मिली थी।

प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश ए. एम. पाटील की कोर्ट में हुई सुनवाई में सरकारी पक्ष ने कई सबूत रखे। कोर्ट ने सरकारी वकील सुजाता इंगले की दलीलें, बैलेस्टिक रिपोर्ट, तकनीकी सबूत और 11 गवाहों के बयान को मंजूर किया। इन्हीं सबूतों के आधार पर तीनों को दोषी ठहराकर उम्रकैद सुनाई गई।

राजेंद्र सावंत उत्पादन शुल्क विभाग (एक्साइज) में अफसर थे। वे 1988 में अनुकंपा के आधार पर कॉन्स्टेबल के तौर पर विभाग में आए थे। 2001 में उन्हें सब इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन मिला। इसके बाद उन्होंने शिरोली, रंकालावेस और ओरोस (सिंधुदुर्ग) में काम किया। जब यह वारदात हुई, तब वे सिंधुदुर्ग में तैनात थे और उनके पास कोल्हापुर का अतिरिक्त चार्ज भी था। 13 साल पहले दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी के केस में अब कोर्ट का फैसला आ गया है और हेमंत गायकवाड की हत्या के मामले में पिता और दो बेटों को उम्रकैद मिली है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे