वडेट्टीवार का दावा: राष्ट्रवादी के कुछ नेताओं के हाथ पत्थर के नीचे, पवार की भूमिका वैसी नहीं
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शरद पवार और प्रफुल पटेल की भेंट, राहुल गांधी और गोकुल के अध्यक्ष चुनाव पर अपनी बात रखी।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा है कि राष्ट्रवादी के कुछ नेताओं के हाथ पत्थर के नीचे हैं। उनके मुताबिक जेल जाने की नौबत न आए, इसलिए राष्ट्रवादी के कुछ नेताओं की ऐसी भूमिका हो सकती है। वडेट्टीवार का कहना है कि शरद पवार की भूमिका ऐसी नहीं हो सकती।
शरद पवार के बारे में वडेट्टीवार ने कहा कि सामाजिक और कई दूसरे क्षेत्रों में उनका बड़ा योगदान है और उनकी पहचान प्रगतिशील विचार के नेता की है। उनके अनुसार कुछ रिश्ते होते हैं, जिनसे मुलाकातें और बातचीत होती रहती हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ने पवार साहब को फोन करके उनकी सेहत की जानकारी ली। उस वक्त मोदी ने कहा कि आप आराम कीजिए, दिल्ली हम संभाल लेंगे। वडेट्टीवार ने सवाल किया कि क्या इसका मतलब यह है कि पवार साहब आराम करें, और कहा कि यह मतलब भी निकलता है।
अजित पवार की पार्टी के बारे में वडेट्टीवार ने कहा कि उसमें दो गुट बन गए हैं, इसलिए बड़ी उथल-पुथल दिख रही है। भाजपा पर उन्होंने आरोप लगाया कि वह झगड़ा लगाकर और झूठ बोलकर अपना स्वार्थ कैसे साधना है, यह अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा कि पवार साहब की दोनों पार्टियां साथ आ भी जाएं, तो भी उन्हें नहीं लगता कि वे महायुति के साथ जाएंगी।
राहुल गांधी को लेकर वडेट्टीवार ने कहा कि जननायक राहुल गांधी ने भाजपा को सड़क पर उतार दिया है। उनके मुताबिक सत्ता में रहते हुए भी लोकतंत्र बचाने की भूमिका रखने के लिए सड़क पर आना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सब कुछ हाथ में होते हुए भी राहुल गांधी को पिंजरे में खड़ा किया जा रहा है। वडेट्टीवार ने कहा कि जिनके पुरखों की सोच से संविधान मिला और आजादी मिली, उन्हीं राहुल गांधी को वे लोग चोर कह रहे हैं, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया।
गोकुल के मामले में वडेट्टीवार ने कहा कि मनोनीत सदस्य देकर मत का अनादर करना लोकतंत्र का मजाक है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कहा है कि वोट चोरी हुई और वे अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। वडेट्टीवार के अनुसार राहुल गांधी ने आरोपों पर खुली बहस के लिए ओपन चैलेंज दिया है, पर उसे स्वीकार करने की ताकत सामने वालों में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मोर्चे में दो-चार सौ रुपये देकर लोगों को लाया गया और उनकी भूमिका सरकार के खिलाफ थी। उनका कहना था कि हम चुनाव आयुक्तों के खिलाफ लड़ रहे हैं और उस वक्त कानून का पूरा संरक्षण देने वाली भाजपा लोकतंत्र पर बोल रही है।
गोकुल की सत्ता को लेकर वडेट्टीवार ने कहा कि उन्होंने बड़े वकीलों की सलाह ली है। उन्होंने बताया कि कई लोगों की राय है कि गोकुल में जो हुआ, वह अदालत में नहीं टिकेगा। उन्होंने कहा कि गवई साहब तो मुख्य न्यायाधीश रहे हैं। वडेट्टीवार का दावा है कि तीन मंत्री और बारह विधायक-सांसद लगाए गए और आगे के दरवाजे से नाकामी मिलने के बाद पीछे की चोर खिड़की से सत्ता पाने का मामला चल रहा है। उनके मुताबिक पहली बैठक में कोरम पूरा न होता, तो 1 प्लस में अध्यक्ष चुना जा सकता है, और उसका इससे कोई संबंध नहीं है। वडेट्टीवार ने कहा कि गोकुल की सत्ता के लिए महायुति ने बड़ा जोर लगाया है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।