नाशिक TCS मामला: इम्तियाज जलील पर केस दर्ज होने की खबर, निदा खान को पनाह देने का आरोप
नाशिक पुलिस ने AIMIM के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर मुख्य आरोपी निदा खान को पनाह देने का आरोप है।
नाशिक की TCS कंपनी से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में अब सियासत भी गरमा गई है। जानकारी सामने आई है कि नाशिक पुलिस ने AIMIM के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को पनाह दी और पुलिस कार्रवाई से बचने में उसकी मदद की। इस घटनाक्रम से जांच को एक नया मोड़ मिला है।
इस मामले की जांच फिलहाल विशेष जांच दल यानी SIT कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या निदा खान को वाकई कहीं पनाह दी गई थी और उसे पुलिस की पकड़ से दूर रखने में किस-किसने मदद की। इसी सिलसिले में इम्तियाज जलील के खिलाफ केस दर्ज होने की बात सामने आई है।
यहां यह समझना जरूरी है कि इम्तियाज जलील पर लगे आरोपों की सच्चाई जांच से ही साफ होगी। केस दर्ज होने का मतलब यह नहीं कि आरोप साबित हो गए। जांच में मिलने वाले सबूत और संबंधित लोगों का पक्ष सामने आने के बाद ही असली तस्वीर साफ हो सकेगी।
निदा खान की तलाश के दौरान उसे छिपाने या पनाह देने में किसकी क्या भूमिका थी, जांच एजेंसियां इसी की पड़ताल कर रही हैं। आरोप है कि इम्तियाज जलील ने निदा खान को पनाह देने और पुलिस कार्रवाई से बचाने में मदद की। इस कथित मदद के पीछे असल में कौन लोग थे, आरोपी को कहां रखा गया था और उसे किस तरह की मदद मिली, ये बातें जांच के लिहाज से अहम होंगी। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजे आना अभी बाकी है।
इसी जांच के दौरान AIMIM के पूर्व नगरसेवक मतीन पटेल से भी SIT ने पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि निदा खान को छिपाए जाने के बारे में उनसे तीन बार पूछताछ की गई। खबर है कि इस पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर जांच एजेंसी दूसरे संभावित संबंधों और मदद के रास्तों को भी खंगाल रही है। हालांकि किसी से पूछताछ होना, या जांच में किसी का नाम आना, इस बात का सबूत नहीं है कि वह शख्स जुर्म में शामिल था।
नाशिक पुलिस का विशेष जांच दल अब तक मिले सबूतों, संबंधित लोगों के बयानों और आरोपी को कथित तौर पर मिली मदद के स्वरूप की जांच कर रहा है। यह भी देखा जा सकता है कि आर्थिक या किसी और तरह की मदद दी गई थी या नहीं।
इम्तियाज जलील के खिलाफ केस दर्ज होने की खबर से महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस पर है कि आगे कानूनी कार्रवाई क्या होती है, संबंधित लोगों की पूछताछ किस दिशा में बढ़ती है और SIT की जांच से क्या नतीजे निकलते हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।