शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

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03:11 IST

रात को सोने से पहले नमक पर पैर घुमाने का चलन चर्चा में, थकान और नींद पर दावे

रात को सोने से पहले करीब 10 मिनट नमक पर पैर घुमाने की पद्धति चर्चा में है। थकान और नींद पर इसके दावों के साथ त्वचा को होने वाले जोखिम भी बताए गए हैं।

रात को सोने से पहले नमक पर पैर घुमाने का चलन चर्चा में, थकान और नींद पर दावे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

दिनभर घर के काम, ऑफिस की भागदौड़ या सफर के बाद शरीर थक जाता है। ऐसे में पैर दुखना, मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होना और रात को नींद न आना जैसी दिक्कतें कई लोगों को होती हैं। दिनभर की थकान उतारने के लिए लोग अलग-अलग उपाय आजमाते हैं। इन दिनों घर पर ही किया जा सकने वाला एक आसान उपाय चर्चा में है, जिसमें महंगी चीज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह उपाय है कुछ देर नमक पर पैर घुमाना।

वेलनेस के क्षेत्र में इस पद्धति की बात हो रही है। दावा किया जाता है कि रात को सोने से पहले करीब 10 मिनट नमक पर पैर घुमाने से आराम मिल सकता है। लेकिन इसे करते वक्त सही सावधानी रखना ज़रूरी बताया गया है।

इसके लिए सबसे पहले एक साफ, सूखा कपड़ा लिया जाता है और उस पर मोटे नमक की परत बिछाई जाती है। इसके लिए एप्सम सॉल्ट इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। फिर पैर अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लिए जाते हैं।

इसके बाद नमक पर धीरे से पैर रखें और हल्के हाथ से पैरों को हिलाएं। पैरों पर ज़्यादा दबाव न दें। अगर नमक के दाने चुभें या रगड़ से त्वचा में तकलीफ हो, तो तुरंत रुक जाएं। दस मिनट पूरे करने के लिए ज़बरदस्ती न करें। इसके बाद पैर साफ धोकर सुखा लें। यह भी याद रखें कि नमक पर नंगे पैर चलने से हर किसी को एक जैसा फायदा हो, ऐसा ज़रूरी नहीं।

दिनभर खड़े रहने, चलने या लगातार सफर करने से पैरों की मांसपेशियों पर ज़ोर पड़ सकता है। ऐसे में पैरों को थोड़ा आराम देना अहम होता है। गुनगुने पानी में पैर डुबोकर रखना, हल्के हाथ से मसाज करना या कुछ देर पैर ऊंचाई पर रखकर आराम करना, इनसे कुछ लोगों को राहत मिलती है।

नमक पर पैर घुमाते वक्त होने वाली रगड़ से त्वचा की मृत कोशिकाएं निकलने में मदद मिल सकती है। लेकिन इसके लिए नमक इस्तेमाल करना ज़रूरी नहीं है। ज़्यादा रगड़ होने पर त्वचा सूख सकती है या उस पर घाव हो सकता है।

एप्सम सॉल्ट में मैग्नीशियम सल्फेट होता है। इसलिए दावे किए जाते हैं कि इस नमक के इस्तेमाल से मांसपेशियों को आराम मिलता है, तनाव कम होता है और नींद बेहतर होती है। मगर सिर्फ नमक पर पैर रखने से शरीर में मैग्नीशियम बढ़ता है या नींद की दिक्कत दूर होती है, इसके ठोस वैज्ञानिक सबूत उपलब्ध नहीं हैं।

रात को सोने से पहले कुछ देर शांत बैठना, पैरों को आराम देना और मोबाइल का इस्तेमाल कम करना नींद की आदत सुधारने में मदद कर सकता है। इसलिए नमक पर पैर घुमाने से ज़्यादा अहम है कि शरीर को पूरा आराम दिया जाए।

जिन लोगों को डायबिटीज़ है, खासकर जिनके पैरों की संवेदना कम हो गई हो या खून के बहाव की दिक्कत हो, उन्हें नमक पर नंगे पैर चलने से बचना चाहिए। पैर में घाव, दरारें, इन्फेक्शन या त्वचा की जलन हो तब भी यह प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि नमक के दानों से त्वचा को चोट लगने की संभावना रहती है।

अगर पैर लगातार दुखते हैं, सूजन आती है या रात को नियमित नींद नहीं आती, तो इसकी वजह समझने के लिए डॉक्टर की सलाह लें। कुल मिलाकर, दिनभर की भागदौड़ के बाद पैरों को आराम देना ज़रूरी है। लेकिन नमक पर दस मिनट पैर घुमाने से थकान दूर होती है या अनिद्रा ठीक होती है, यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। सही आराम, नियमित नींद और पैरों की देखभाल को तरजीह दें।

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