सर्दियों में गाजर: आंखों, पाचन और इम्युनिटी के लिए इसे किस तरह खाएं
सर्दी में बाजार में गाजर खूब आती है। बताया गया है कि आंखों, पाचन और इम्युनिटी के लिए इसे कच्चा या हल्का पकाकर खाना फायदेमंद है।
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सर्दी के दिनों में बाजार में गाजर खूब आती है। स्वाद में मीठी यह गाजर शरीर के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती है। बताया गया है कि हफ्ते में एक या दो बार इसे खाना चाहिए। इसमें बीटा-कैरोटीन और विटामिन जैसे कई तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।
आम तौर पर कोई भी सब्जी पकाने या उबालने के बाद उसके पोषक तत्व घट जाते हैं। लेकिन गाजर में कैलोरी कम और पानी ज्यादा होता है। कच्ची गाजर में विटामिन सी और फायबर होता है। कमजोर हो चुकी नजर को तेज करने के लिए गाजर खाने की सलाह दी जाती है। कच्ची और हल्की पकी हुई गाजर खाना फायदेमंद बताया गया है, इसलिए उसे पूरी तरह मैश करके नहीं खाना चाहिए।
पहले बात आंखों की। उम्र बढ़ने के साथ नजर धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है और उसके लिए चश्मा लगाया जाता है। बताया गया है कि खाने में गाजर शामिल करने से आंखों की तकलीफें कम करने में मदद मिलेगी और आंखों की सेहत सुधरेगी। गाजर में मौजूद बीटा-कैरोटीन विटामिन 'ए' में बदल जाता है, जो आंखों को ठीक रखने में मदद करता है। गाजर को हल्का भाप में पकाकर या उबालकर खाने से उसकी सख्त कोशिकाएं नरम हो जाती हैं और शरीर के लिए बीटा-कैरोटीन सोखना आसान हो जाता है। इसलिए खाने के साथ सलाद में गाजर जरूर रखनी चाहिए।
अब पाचन की बात। रोज के खाने में लगातार होने वाले बदलावों का असर सेहत पर जल्दी दिखता है, इसलिए आसानी से पचने वाली चीजें खानी चाहिए। बताया गया है कि हफ्ते में दो या तीन बार गाजर खाने से पाचन सुधारने में मदद मिलती है। गाजर में अघुलनशील फायबर और प्राकृतिक एंजाइम बड़ी मात्रा में होते हैं, जिनसे आंतों की हरकत चालू रहती है। दोपहर के खाने में खीरा, गाजर, चुकंदर और टमाटर जैसी चीजें जरूर खाने को कहा गया है।
इम्युनिटी के बारे में कहा गया है कि मौसम में लगातार होने वाले बदलावों से रोगप्रतिकारक क्षमता घट जाती है। बार-बार बुखार, सर्दी और खांसी आने से शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ने लगती है। बढ़ी हुई थकान और कमजोरी कम करने के लिए गाजर का सूप या सलाद खाने में शामिल करने को कहा गया है। गाजर में ऐसे ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं। सर्दियों में होने वाली संक्रामक बीमारियों से राहत पाने के लिए भी गाजर खाने की बात कही गई है।
कच्ची गाजर में प्राकृतिक मिठास होती है, जिससे खून में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए गाजर को हल्का पकाकर या उबालकर खाने को कहा गया है। कच्ची गाजर में अघुलनशील फायबर होता है, जो पाचन सुधारने में मदद करता है और आंतों को ठीक रखता है। फायबर, बीटा-कैरोटीन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से इम्युनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है।
यह जानकारी सिर्फ आम जानकारी के तौर पर दी गई है और इसमें किसी भी तरह के इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है।