राष्ट्रवादी में वर्चस्व की चर्चा, करीब आधे विधायक सुनेत्रा पवार के साथ होने की बात
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अजित पवार के निधन के बाद पार्टी संभाल रहीं उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सामने नाराज वरिष्ठ नेताओं को मनाने और संगठन पर पकड़ रखने की चुनौती है।
मुंबई: पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में कई हलचलें चल रही हैं। राष्ट्रवादी काँग्रेस के सुनेत्रा पवार गुट में नेतृत्व और पार्टी के भविष्य को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज होने की चर्चा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की कमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथ में आई है। अब उनके सामने वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने के साथ संगठन पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की चुनौती खड़ी है।
पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों के बीच चर्चा है कि करीब आधे विधायक सुनेत्रा पवार के साथ हैं। इसी वजह से नेतृत्व बदलने और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चल रही बातचीत को नया मोड़ मिला है।
इस बीच राष्ट्रवादी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे, छगन भुजबळ, धनंजय मुंडे, हसन मुश्रीफ और दिलीप वळसे-पाटील ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार मौजूद नहीं थे, जिससे सियासी चर्चाएं तेज हो गईं। सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के मौजूदा कामकाज, नेतृत्व के तरीके और संगठन की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
राष्ट्रवादी काँग्रेस के शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने पार्टी के नेताओं के आपसी मतभेदों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे का नाम लिए बिना रोहित पवार ने आरोप लगाया कि ये सभी नेता सुनेत्रा पवार की पार्टी पर कब्जा करना चाहते हैं। उनके मुताबिक इनमें से एक नेता केंद्र में मंत्री बनना चाहता है और दूसरा महायुती सरकार में वित्त मंत्री।
रोहित पवार का कहना है कि सुनेत्रा पवार को सामाजिक क्षेत्र का अनुभव है, लेकिन राजनीति में उनका अनुभव सीमित है और पार्टी के दूसरे नेता इसी का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसीलिए उन्हें किनारे करने की कोशिशें चल रही हैं।
रोहित पवार ने यह भी दावा किया कि जिन नेताओं ने पहले अजित पवार को परेशान किया, वही अब सुनेत्रा और पार्थ के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उनके मुताबिक इन नेताओं ने एक बार फिर अपना रंग दिखाते हुए पार्टी में सुनेत्रा और पार्थ को अलग-थलग करने की कोशिश शुरू कर दी है।
रोहित पवार ने कहा कि दिल्ली में अमित शाह से मिलने वाले सभी नेताओं को शरद पवार ने मौका दिया और बड़ा बनाया, लेकिन बाद में इन्हीं नेताओं ने पवार के साथ विश्वासघात किया। इसके बाद अजित पवार ने इन नेताओं के साथ मिलकर नई पार्टी बनाई। रोहित पवार का दावा है कि छगन भुजबळ और हसन मुश्रीफ को छोड़कर बाकी नेताओं ने अजित पवार को परेशान किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह बात खुद अजित पवार ने उन्हें बताई थी।
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