दिल्ली में राष्ट्रवादी के सात नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात की, सुनेत्रा पवार मौजूद नहीं थीं
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
राष्ट्रवादी के वरिष्ठ नेता दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह से मिले। पार्टी प्रवक्ता उमेश पवार ने कहा कि बैठक पहले से तय थी और सुनेत्रा पवार के कहने पर हुई।
राष्ट्रवादी के कई बड़े नेताओं ने दिल्ली जाकर गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात की तस्वीर वायरल हो गई, जिसके बाद राज्य की राजनीति में फिर से चर्चा तेज हो गई है।
बताया गया है कि नई दिल्ली में शाह से मिलने वालों में सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबळ, समीर भुजबळ, धनंजय मुंडे, हसन मुश्रीफ और दिलीप वळसे पाटील शामिल थे। पार्टी के इतने अहम नेता एक साथ शाह के पास पहुंचे, इसलिए मुलाकात की वजह को लेकर कई तरह के अंदाजे लगाए जा रहे हैं।
इस मुलाकात में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार और जय पवार मौजूद नहीं थे। वरिष्ठ नेता शाह से मिल रहे थे और राष्ट्रीय अध्यक्षा बैठक में नहीं थीं, इसलिए राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी के नेतृत्व के स्तर पर कोई अलग समीकरण बन रहा है।
चर्चा की एक और वजह विधान परिषद चुनाव है। इस चुनाव में राष्ट्रवादी अजित पवार गुट को कामयाबी नहीं मिली, और इसके बाद पार्टी के भीतर खींचतान चलने की बातें हो रही हैं। नेतृत्व पर भी फिर से सवाल उठाए जाने की चर्चा है।
चुनाव में मिली नाकामी के बाद प्रफुल्ल पटेल ने सोशल मीडिया पर अपनी भूमिका रखी थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी को आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उनके इस बयान से भी पार्टी में नाराजगी की चर्चा शुरू हुई थी। यही वजह है कि इस मुलाकात को सिर्फ औपचारिक भेंट की तरह नहीं देखा जा रहा।
इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रवक्ता उमेश पवार ने सफाई दी है। उनके मुताबिक यह बैठक पहले से तय थी और अजित पवार के समय के कुछ मुद्दों तथा राज्य के कुछ अहम सवालों को लेकर रखी गई थी।
सुनेत्रा पवार की गैरमौजूदगी पर भी उमेश पवार ने बात की। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार ने अमित शाह को पहले ही बता दिया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलेगा, और इसके लिए समय देने की गुजारिश भी की थी। उमेश पवार के अनुसार, राष्ट्रवादी के नेताओं की यह मुलाकात सुनेत्रा पवार के आदेश से ही हुई।
सूत्रों की जानकारी के मुताबिक, शाह के साथ हुई बैठक में राज्य की सूखे जैसी हालत पर बात हुई। बताया जा रहा है कि इस बारे में एक निवेदन भी सौंपा गया। अब इस मुलाकात के बाद राज्य की राजनीति में क्या होता है, इस पर पूरे महाराष्ट्र की नजर है।
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