श्रीनगर के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने छोड़ी नेशनल कॉन्फ्रेंस, लोकसभा से इस्तीफे का ऐलान
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने बडगाम की जनसभा में पार्टी छोड़ने और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की।
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की भी घोषणा की।
मेहदी ने यह घोषणा बडगाम में की। वहां बेहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में उनके पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि पर एक जनसभा रखी गई थी, और इसी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अपना फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ उनका करीब 24 साल का राजनीतिक सफर खत्म होने की कगार पर है।
सभा में मेहदी ने पार्टी नेतृत्व पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि 2024 के विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने धारा 370 की बहाली, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों की हिफाजत जैसे मुद्दों पर जनता से समर्थन मांगा था। मेहदी के मुताबिक, सत्ता में आने के बाद पार्टी ने इन वादों को पूरा करने के लिए जो कदम उठाने चाहिए थे, वे नहीं उठाए।
मेहदी ने साफ किया कि उनका यह फैसला किसी पद या निजी नाराजगी की वजह से नहीं है। उन्होंने कहा कि वजह उसूल हैं और वे वादे हैं जो जनता से किए गए थे और पूरे नहीं हुए। उन्होंने यह भी कहा कि वे विश्वासघात में शामिल नहीं होना चाहते।
आगे की राह पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। मेहदी ने कहा कि उनका मकसद एक पार्टी से निकलकर दूसरी पार्टी में जाना नहीं है। उनका इरादा जम्मू-कश्मीर के ईमानदार और प्रतिबद्ध नौजवानों को साथ लाकर एक नया राजनीतिक मंच खड़ा करने का है।
मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला का नाम लेकर मेहदी ने कहा, "आप जिन कुर्सियों पर बैठे हैं, वे आपके लिए भी और हमारे लिए भी दुख की वजह हैं।" उन्होंने कहा कि आम तौर पर कुर्सी जाने पर नेता दुखी होते हैं, लेकिन वे कुर्सी छोड़ रहे हैं और इससे खुश हैं। ओमर अब्दुल्ला को ताना देते हुए उन्होंने कहा कि असली सम्मान देखना हो तो बडगाम आइए।
मेहदी ने अपने समर्थकों से कहा कि उनकी लड़ाई किसी निजी पद या सियासी फायदे के लिए नहीं है। यह लड़ाई जनता से किए गए वादों और उसूलों के लिए है। उन्होंने मां-बाप से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को समाज में बदलाव लाने के लिए आगे आने को हौसला दें।
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