राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों कुशावर्त में सिंहस्थ ध्वजपूजन
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त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त तीर्थ पर सिंहस्थ कुंभमेले के मौके पर हुए ध्वजपूजन समारोह में राष्ट्रपति ने गोदावरी पूजन, ध्वजपूजन, अर्घ्य और आरती की।
नाशिक (त्र्यंबकेश्वर), 31 अक्टूबर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों आज त्र्यंबकेश्वर में स्थित पवित्र कुशावर्त तीर्थ पर सिंहस्थ कुंभमेले के मौके पर ध्वजपूजन समारोह संपन्न हुआ। यह पूरा समारोह धार्मिक और मंगलमय माहौल में हुआ।
इस दौरान राष्ट्रपति के हाथों कुल चार विधियां की गईं। ये थीं गौतमी गंगा गोदावरी का पूजन, सिंहस्थ ध्वज का पूजन, विशेष अर्घ्य अर्पण और गोदावरी की आरती।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कुशावर्त पहुंचने के बाद धार्मिक विधियों की शुरुआत हुई। पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति के हाथों पवित्र गौतमी गंगा गोदावरी का विधिवत पूजन किया गया। उसके बाद सिंहस्थ ध्वज का पूजन किया गया। फिर विशेष अर्घ्य अर्पित करके गोदावरी की आरती की गई। वैदिक मंत्रघोष और धार्मिक विधियों की वजह से कुशावर्त तीर्थ के पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बन गया था।
सिंहस्थ कुंभमेले की पृष्ठभूमि में आयोजित इस धार्मिक समारोह को विशेष महत्त्व मिला। कुशावर्त तीर्थ गोदावरी नदी का पवित्र स्थान है, और सिंहस्थ कुंभमेले की धार्मिक परंपरा में इस तीर्थ का अनन्यसाधारण महत्त्व है।
इस समारोह में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, पालकमंत्री गिरीश महाजन, स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे और रोहयो और राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावल की प्रमुख मौजूदगी रही।
इस कार्यक्रम में विधायक गोकुल गीते, विधायक एड. माणिकराव कोकाटे, विधायक दिलीप बनकर, विधायक हिरामण खोसकर और नगराध्यक्षा त्रिवेणी तुंगार भी शामिल हुए।
उनके साथ संभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार, पुरोहित संघ के अध्यक्ष मनोज थेटे और श्री हरिगिरीजी महाराज भी मौजूद थे। विभिन्न अखाड़ों के साधु और महंत तथा स्थानीय निवासी भी समारोह में उपस्थित थे।
इस मौके पर पुरोहित संघ की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सम्मानपूर्वक ताम्रपट प्रदान किया गया।
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