राम पूर्णेकर हिरासत में, नौपाडा पुलिस स्टेशन में नेताओं का धरना, गिरफ्तारी की मांग
प्रदीप उर्फ बाळू पूर्णेकर हत्या मामले में राम पूर्णेकर को हिरासत में लिए जाने के बाद ठाणे का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सर्वदलीय नेताओं ने नौपाडा पुलिस स्टेशन में धरना दिया।
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ठाणे में शिवसेना (उबाठा) के नेता प्रदीप उर्फ बाळू पूर्णेकर की हत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। राम पूर्णेकर को पुलिस ने हिरासत में लिया, उसके बाद से शहर का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है।
राम पूर्णेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे वाले निवास के बाहर प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। वागळे इस्टेट पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और नौपाडा पुलिस स्टेशन ले आई। वहां इसके बाद जबरदस्त राजनीतिक हंगामा देखने को मिला।
राम पूर्णेकर को नौपाडा पुलिस स्टेशन लाए जाने की खबर तेजी से फैली। देखते ही देखते सर्वदलीय नेता, कार्यकर्ता और पूर्णेकर परिवार के लोग बड़ी तादाद में स्टेशन पर पहुंच गए।
नौपाडा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के केबिन में पूर्व सांसद राजन विचारे (शिवसेना उबाठा), मनसे के ठाणे जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव, कांग्रेस के स्थानीय नेता, अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और पूर्णेकर परिवार के सदस्य इकट्ठा हुए। इन सभी नेताओं और परिवार ने पुलिस पर सवालों की बौछार कर दी।
स्टेशन में मौजूद सर्वदलीय नेताओं और पूर्णेकर परिवार का रुख बेहद आक्रामक रहा। उनकी मांग है कि प्रदीप उर्फ बाळू पूर्णेकर हत्या मामले के मुख्य संदिग्ध, पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे को फौरन गिरफ्तार किया जाए। नेताओं ने पुलिस को साफ चेतावनी दी है कि जब तक इन दोनों की गिरफ्तारी नहीं होती और जांच को लेकर ठोस भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे पुलिस स्टेशन में ही धरना देकर बैठे रहेंगे और बाहर नहीं निकलेंगे।
एक तरफ स्टेशन के अंदर नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चर्चा और बहस चल रही थी। दूसरी तरफ स्टेशन के परिसर में महिलाओं और पुरुषों की भारी भीड़ जमा थी। समर्थकों और स्थानीय लोगों ने नौपाडा पुलिस स्टेशन के आसपास के इलाके को एक तरह से घेर लिया।
प्रदीप पूर्णेकर की हत्या को 26 दिन बीत चुके हैं, फिर भी मुख्य सूत्रधार और आरोपी खुले घूम रहे हैं। इसी वजह से लोगों में गुस्सा और नाराजगी इस मौके पर खुलकर सामने आ गई।
उपमुख्यमंत्री के बंगले के बाहर आंदोलन, राम पूर्णेकर की हिरासत और फिर नौपाडा पुलिस स्टेशन में सर्वदलीय नेताओं के धरना आंदोलन से ठाणे में कानून-व्यवस्था का सवाल गंभीर हो गया है। जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं और जिनकी गिरफ्तारी की सीधी मांग उठी है, उनके बारे में ठाणे पुलिस ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या रुख जाहिर नहीं किया है। पुलिस इस बढ़ते राजनीतिक दबाव पर क्या कार्रवाई करती है, इस पर पूरे राज्य की नजर लगी हुई है।
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